धर्म-अध्यात्म अवैदिक मत-मतान्तरों से सर्वथा सत्य वेदों की महत्ता कम नहीं होती November 8, 2020 / November 8, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार में ज्ञान व अज्ञान तथा सत्य व असत्य दो सर्वथा भिन्न बातें हैं। ज्ञान अज्ञान का विरोधी तथा सत्य असत्य का विरोधी व विपरीत ज्ञान होता है। सत्य वह होता है जो असत्य नहीं होता। ज्ञान ही किसी पदार्थ के वास्तविक स्वरूप का बोध कराता है। ज्ञान के विपरीत बातें तिरस्कार करने […] Read more » वेदों की महत्ता
धर्म-अध्यात्म यज्ञ करने से मनुष्य को सुख प्राप्ति सहित कामनाओं की पूर्ति होती है November 3, 2020 / November 3, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य यज्ञ वेदों से प्राप्त हुआ एक शब्द है। इसका अर्थ होता है श्रेष्ठ व उत्तम कर्म। श्रेष्ठ कर्म वह होता है जिससे किसी को किसी प्रकार की हानि न हो अपितु दूसरों व स्वयं को भी अनेक लाभ हो। यज्ञ से जैसा लाभ होता है वैसा अन्य किसी कार्य से नहीं […] Read more » Yajna fulfills wishes including happiness for man यज्ञ
धर्म-अध्यात्म सत्गुणों तथा ईश्वर भक्ति से युक्त मानव का निर्माण वेदज्ञान से ही सम्भव November 2, 2020 / November 2, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य अल्पज्ञ प्राणी होता है। इसका कारण जीवात्मा का एकदेशी, ससीम, अणु परिमाण, इच्छा व द्वेष आदि से युक्त होना होता है। मनुष्य सर्वज्ञ व सर्वज्ञान युक्त कभी नहीं बन सकता। सर्वज्ञता से युक्त संसार में एक ही सत्ता है और वह है सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान, सच्चिदानन्दस्वरूप परमात्मा। परमात्मा ही सृष्टि में […] Read more » The creation of a human being with virtues and devotion is possible only through Vedic knowledge सत्गुणों तथा ईश्वर भक्ति से युक्त मानव का निर्माण
धर्म-अध्यात्म मनुष्य को परमात्मा से श्रेष्ठ बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना करनी चाहिये October 31, 2020 / October 31, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य के जीवन में सुख व दुःख की दो अवस्थायें होती हैं। सभी को सुख प्रिय तथा दुःख अप्रिय होता है। मुख्यतः हम जीवन भर वही कार्य करते हैं जिससे हमें सुखों की प्राप्ति तथा दुःखों की निवृत्ति होती हैं। जो प्रत्यक्ष दुःख होते हैं उनके निवारण के लिये तो सभी प्रयत्न करते […] Read more » परमात्मा से श्रेष्ठ बुद्धि
धर्म-अध्यात्म हम ईश्वर के उपकारों को जानें और उसके प्रति कृतज्ञ हों October 30, 2020 / October 30, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का कर्तव्य होता है कि वह जिससे अपना कोई प्रयोजन सिद्ध करे, उसके उपकारों के बदले में उसके प्रति कृतज्ञता की भावना व्यक्त करे। कृतज्ञ होना मनुष्य का एक श्रेष्ठ गुण होता है। कृतज्ञ न होना अमानवीय होना एवं निन्दित कर्म होता है। यदि दूसरे मनुष्य व ईश्वर हम पर […] Read more » ईश्वर के उपकारों को जानें
धर्म-अध्यात्म शख्सियत आध्यात्म जगत के राजहंस : आचार्यश्री विद्यासागर महाराज October 30, 2020 / October 30, 2020 by श्याम सुंदर भाटिया | Leave a Comment छोटे बाबा की हीरक जयंती पर विशेष श्याम सुंदर भाटिया बाईस बरस की उम्र में संन्यास लेकर दुनिया को सत्य-अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले आचार्यश्री विद्यासागर महाराज की एक झलक पाने लाखों लोग मीलों पैदल दौड़ते हैं। आचार्य श्रेष्ठ के प्रवचनों में धार्मिक व्याख्यान कम और ऐसे सूत्र ज्यादा होते हैं, जो किसी भी व्यक्ति […] Read more » Acharyashree Vidyasagar Maharaj Flamingos of the spiritual world आचार्यश्री विद्यासागर महाराज
धर्म-अध्यात्म हमारा मनुष्य होना तभी सार्थक है यदि हमनें ईश्वर को जान लिया है October 29, 2020 / October 29, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को पता नहीं कि उसका इस संसार में जन्म क्यों हुआ है? उसको कोई इस बात का ज्ञान कराता भी नहीं है। मनुष्य जीवनभर संसार के कार्यों में उलझा रहता है, अतः अधिकांश मनुष्यों को तो कभी इस विषय में विचार करने का अवसर तक नही मिलता। यदि कोई इन […] Read more » We are human only if we know God ईश्वर
धर्म-अध्यात्म मनुष्य के जन्म-मरण का कारण एवं इन दुःखों से छूटने के उपाय October 28, 2020 / October 28, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यहम संसार में प्रतिदिन मनुष्यों का जन्म होते हुए देखते हैं। प्रतिदिन देश विदेश में हजारों लोग मृत्यु के ग्रास बनते हैं। ऐसा सृष्टि के आरम्भ से होता आ रहा है। हम सभी ऐसा ही अनुमान व विश्वास भी करते हैं। इस सबको समझने के बाद भी मनुष्य इस विषय को जानने का […] Read more » Causes of human birth and death and measures to get rid of these sorrows मनुष्य के जन्म-मरण का कारण
धर्म-अध्यात्म सृष्टि की उत्पत्ति रक्षण एवं प्रलय का ज्ञान विज्ञान सम्मत वैदिक सिद्धान्त October 27, 2020 / October 27, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम संसार में रहते हैं और इस सृष्टि का साक्षात् व प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं। हम जानते व मानते हैं कि इस सृष्टि का अस्तित्व सत्य एवं यथार्थ है। हमारी सभी ज्ञान इन्द्रियां हमारे सृष्टि के प्रत्यक्ष एवं यथार्थ होने की पुष्टि करती हैं। हम आंखों से इस सृष्टि को देखते […] Read more » preservation and destruction of the origin of the world Vedic theory of knowledge of science सृष्टि की उत्पत्ति सृष्टि की उत्पत्ति रक्षण सृष्टि की रक्षण
धर्म-अध्यात्म वेदों का सर्वव्यापक व सर्वशक्तिमान ईश्वर से उत्पन्न होना सत्य व प्रामाणित है October 26, 2020 / October 26, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य वेद संसार के सबसे प्राचीन ग्रन्थ हैं। वेदों के बारे में हमें यह सत्य नहीं बताया जाता कि वेदों की उत्पत्ति मनुष्यों से न होकर इस संसार के रचयिता परमात्मा से हुई है और वेदों की सभी शिक्षायें व मान्यतायें सर्वथा सत्य हैं एवं सृष्टि क्रम सहित विज्ञान की मान्यताओं के […] Read more » Vedas originating from omnipresent and omnipotent God is true and authentic वेदों सर्वव्यापक व सर्वशक्तिमान ईश्वर
धर्म-अध्यात्म मनुष्य जीवन की सफलता अविद्या दूर कर विद्या वृद्धि से ही संभव October 24, 2020 / October 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य के जीवन के दो यथार्थ हैं, पहला कि उसका जन्म हुआ है और दूसरा उसकी मृत्यु अवश्य होगी। मनुष्य को जन्म कौन देता है? इसका उत्तर यह है कि माता-पिता मनुष्य को जन्म देते हैं। यह उत्तर सत्य है परन्तु अपूर्ण भी है। माता-पिता तभी जन्म देते हैं जबकि ईश्वर […] Read more »
धर्म-अध्यात्म यथार्थ ईश्वर का स्वरूप क्या व कैसा है? October 24, 2020 / October 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य संसार में अनेक मत व सम्प्रदाय हैं जो ईश्वर की सत्ता को स्वीकार करते हैं परन्तु सब मतों की ईश्वर विषयक मान्यतायें, जो कि परस्पर समान होनी चाहियें, नहीं हैं। एक वस्तु व द्रव्य परस्पर भिन्न गुणों व स्वरूप वाला कदापि नहीं हो सकता। अतः मत-मतान्तरों की मान्यताओं में कहीं न […] Read more » ईश्वर का स्वरूप