लेखक परिचय

मनमोहन आर्य

मनमोहन आर्य

स्वतंत्र लेखक व् वेब टिप्पणीकार

मृतकों के चित्रों पर पुष्पमाला व पुष्प चढ़ाना अवैदिक कृत्य

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मनमोहन कुमार आर्य एक आर्य विद्वान ने हमारा ध्यान आर्यजनों द्वारा अपने प्रिय परिवारजनों की मृत्यु आदि के बाद आयोजित श्रद्धांजलि आदि कार्यक्रमों में उनका चित्र रखने, उस पर पुष्पमाला डालने व पुष्प चढ़ाने की अवैदिक परम्परा की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने हमसे हमारा पक्ष पूछा था जो हमने उन्हें अवगत करा दिया है… Read more »

मृतकों का श्राद्ध अशास्त्रीय एवं वेद विरुद्ध होने से त्याज्य कर्म

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-मनमोहन कुमार आर्य आश्विन मास का कृष्ण पक्ष मृत पितरों का श्राद्ध कर्म करने के लिए प्रसिद्ध सा हो गया है। इन दिनों पौराणिक नाना प्रकार के नियमों का पालन करते हैं। अनेक पुरुष दाढ़ी नहीं काटते, बाल नहीं कटाते, नये कपड़े नहीं खरीदते व सिलाते, यहां तक की विवाह आदि का कोई भी शुभ… Read more »



संसार का सबसे बड़ा आश्चर्य परमेश्वर व उसकी रचनायें हैः आचार्या प्रियम्वदा वेदभारती

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  मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून का शरदुत्सव आज सोल्लास आरम्भ हो गया। साधको को प्रातः 5.00 बजे से 6.00 बजे तक योग साधना कराई गई। प्रातः 6.30 बजे सन्ध्या हुई और इसके बाद ऋग्वेद के मन्त्रों से यज्ञ आरम्भ हुआ। मंच पर यज्ञ की ब्रह्मा विदुषी आचार्य डा. प्रियम्वदा वेदभारती,… Read more »

आर्यसमाज का मुख्य उद्देश्य

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सबकी शारीरिक सामाजिक आत्मिक उन्नति सहित संसार का उपकार करना आर्यसमाज का मुख्य उद्देश्य मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द जी ने आर्यसमाज की स्थापना सर्वविद्यामय ईश्वरीय ज्ञान वेदों के प्रचार के लिए की थी। ज्ञान से बढ़कर संसार में दूसरा कोई धन या महत्वपूर्ण पदार्थ नहीं है। शरीर व आत्मा की उन्नति के लिए विद्या वा… Read more »

सत्य का मार्ग ही जीवन की सफलता का मार्ग है

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मनुष्य जीवन का उद्देश्य क्या है? इसके उत्तर में कह सकते हैं कि सत्य को जानना, समझना, उस पर गहनता से विचार करना, ऋषि दयानन्द सरस्वती आदि महापुरुषों के जीवन चरितों व उपदेशों का अध्ययन करना, ईश्वर, जीवात्मा व प्रकृति का सत्य ज्ञान कराने वाले वेद एवं सत्यार्थाप्रकाशादि ग्रन्थों को प्राप्त करना व उनका अध्ययन… Read more »

स्त्री आर्यसमाज धामावाला देहरादून की पूर्व प्रधाना माता सुशीला सेठ जी की श्रद्धांजलि सभा श्रद्धापूर्ण वातावरण में सम्पन्न

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  आज 14 सितम्बर 2017 को अपरान्ह 2 से 3 बजे तक आर्यसमाज धामावाला देहरादून में 87 वर्षीय माता सुशीला सेठ जी की श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न हुई। तीन वर्ष की लम्बी बीमारी के बाद दिनांक 11 सितम्बर, 2017 को उनकी मृत्यु हो गई थी। श्रद्धांजलि सभा का आरम्भ आर्यसमाज के विद्वान पुरोहित पं. विद्यापति शास्त्री… Read more »

आर्यसमाज विश्व की प्रथम धार्मिक सामाजिक संस्था जिसने हिन्दी को धर्मभाषा के रूप में अपनाकर वेदों का प्रचार किया

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आज हिन्दी दिवस पर- मनमोहन कुमार आर्य आर्य समाज की स्थापना गुजरात में जन्में स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने 10 अप्रैल, सन्  1875 को मुम्बई नगरी में की थी। आर्यसमाज क्या है? यह एक धार्मिक एवं सामाजिक संस्था है जिसका उद्देश्य धर्म, समाज व राजनीति के क्षेत्र से असत्य को दूर करना व उसके स्थान… Read more »

ऋषि दयानन्द ने अपने विद्या गुरू स्वामी विरजानन्द सरस्वती की शिक्षा एवं प्रेरणा से देश में धार्मिक एवं सामाजिक क्रान्ति की

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आज स्वामी विरजानन्द सरस्वती जी की पुण्य तिथि पर मनमोहन कुमार आर्य आज ऋषि दयानन्द के विद्या गुरु प्रज्ञाचक्षु दण्डी स्वामी विरजानन्द सरस्वती जी की पुण्य तिथि है। 14 सितम्बर, सन् 1868 (सोमवार) को मथुरा में उनका देहान्त हुआ था। उस दिन हिन्दी तिथि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी थी। विक्रमी संवत् 1925… Read more »

वेद ईश्वरीय ज्ञान और सृष्टि के आरम्भ और बाद में उसकी आवश्यकता

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मनमोहन कुमार आर्य ईश्वरीय ज्ञान की चर्चा से पूर्व यह जानना आवश्यक है कि ईश्वर क्या है वा ईश्वर किसे कहते हैं। ईश्वर एक सत्य-चित्त-आनन्द युक्त सत्ता का नाम है। यह सत्ता निराकार एवं सर्वव्यापक है। यह सर्वज्ञ है एवं इसी ने सत्व, रजस व तम गुणों वाली त्रिगुणात्मक सूक्ष्म प्रकृति से इस संसार की… Read more »

अधिक धन-सम्पत्ति कहीं हमारे लिए दुःख का कारण न बने

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मनमोहन कुमार आर्य आजकल सभी मनुष्यों का जीवन मुख्यतः धनोपार्जन को ही समर्पित रहता है। कुछ पुरुषार्थ, सच्चाई व अच्छे कार्यों को करके धनोपार्जन करते हैं और कुछ ऐसे भी हैं कि जिनके धनोपार्जन में पुरुषार्थ कम होता है, सच्चाई भी कम होती है, अनुचित व निषिद्ध व्यवहार किया जाता है और धनोपार्जन बहुत होता… Read more »