आर्थिकी लेख रक्षा क्षेत्र में बढ़ता उत्पादन भारत को बनाएगा 5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था June 20, 2023 / June 20, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत कुछ समय पूर्व तक रक्षा के क्षेत्र में पूर्णतः आयातित उत्पादों पर ही निर्भर रहता था। छोटे से छोटा उत्पाद भी विकसित देशों से आयात किया जाता रहा है। परंतु, हाल ही के समय में भारत ने सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की ओर अपने कदम बढ़ा दिये हैं। हाल ही में रक्षा […] Read more »
आर्थिकी राजनीति भारतीय बैंकों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ तो हुई है परंतु अभी भी सतर्कता जरूरी June 7, 2023 / June 7, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment आपको याद होगा कि कुछ समय पूर्व ही भारतीय रिजर्व बैंक ने सरकारी क्षेत्र की 11 बैंकों को, इन बैंकों में खराब कर्ज के खतरनाक स्तर तक बढ़ जाने के कारण, त्वरित सुधारात्मक ढांचे के तहत रखा था। पिछले कुछ वर्षों के दौरान सरकारी क्षेत्र के बैंकों को कम पूंजी आधार, गैर-पेशेवर प्रबंधन, हताश कर्मचारियों और भारी अक्षमताओं सहित […] Read more »
आर्थिकी लेख 2000 रुपए के नोट को चलन से बाहर करना नोटबंदी नहीं बल्कि राष्ट्रहित में लिया गया एक निर्णय है June 5, 2023 / June 5, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 19 मई 2023 को एक सूचना जारी कर यह बताया गया है कि देश में 2000 रुपए के नोट चलन से बाहर किए जा रहे हैं, हालांकि यह वैद्य मुद्रा की श्रेणी में बने रहेंगे। सामान्यजन को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे 23 मई 2023 से बिना किसी प्रतिबंध […] Read more » demonetisation of 2000 rupee note
आर्थिकी राजनीति अमृतकाल में भारतीय आर्थिक दर्शन के सहारे आगे बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था June 5, 2023 / June 5, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment श्री एंगस मेडिसन दुनिया के जाने माने ब्रिटिश अर्थशास्त्री इतिहासकार रहे हैं। आपने विश्व के कई देशों के आर्थिक इतिहास पर गहरा अनुसंधान कार्य किया है। भारत के संदर्भ में आपका कहना है कि एक ईस्वी के पूर्व से लेकर 1700 ईस्वी तक भारत पूरे विश्व में सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप […] Read more » Indian economy moving forward with the help of Indian economic philosophy in Amritkal
आर्थिकी राजनीति छोटी छोटी बचतों से अर्थव्यवस्था को मिलता है बल May 20, 2023 / May 20, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment यह सनातनी संस्कार ही हैं जो भारत के नागरिकों को छोटी छोटी बचतें करना सिखाते हैं। भारतीय परम्पराओं के अनुसार हमारे बुजुर्ग हममें बचत की प्रवृत्ति बचपन में ही यह कहकर विकसित करते हैं कि भविष्य में आड़े अथवा बुरे वक्त के दौर में, पुराने समय में की गई बचत का बहुत बड़ा सहारा मिलता […] Read more » छोटी छोटी बचतों से अर्थव्यवस्था को मिलता है बल
आर्थिकी राजनीति एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के प्रयास करते कुछ राज्य May 3, 2023 / May 3, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत को यदि 5 लाख करोड़ अमेरिकी कॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है तो निश्चित ही इसका रास्ता विभिन्न राज्यों के विकास के मार्ग से होकर जाता है। यह हर्ष का विषय है कि भारत के कुछ राज्य अपनी अर्थव्यवस्था को एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की ओर ले जाने के गम्भीर प्रयास करते हुए दिखाई […] Read more » Some states striving to become USD 1 trillion economy
आर्थिकी राजनीति वस्तु एवं सेवा कर संग्रहण ने अप्रेल 2023 माह में छुआ उच्चतम स्तर May 2, 2023 / May 2, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में वित्तीय वर्ष 2023-24 की शुरुआत ही अप्रेल 2023 माह से हुई है एवं नए वित्तीय वर्ष के प्रथम माह में ही अर्थात अप्रेल 2023 माह में वस्तु एवं सेवा कर संग्रहण 187,035 करोड़ रुपए का रहा है और यह एक नए रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है। पूर्व में अप्रेल 2022 माह में […] Read more »
आर्थिकी राजनीति रेपो दर में वृद्धि को रोकना, भारतीय रिजर्व बैंक का साहसिक निर्णय April 7, 2023 / April 7, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से पूरे विश्व में लगभग सभी देश लगातार बढ़ती मुद्रा स्फीति की दर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से ब्याज दरों में वृद्धि करते जा रहे हैं। अभी हाल ही में अमेरिका ने यूएस फेड दर में 25 आधार अंकों की एवं ब्रिटेन ने केंद्रीय ब्याज दर में […] Read more » भारतीय रिजर्व बैंक का साहसिक निर्णय रेपो दर में वृद्धि को रोकना
आर्थिकी राजनीति आर्थिक प्रगति में शुचितापूर्ण नीतियों की जरूरत March 14, 2023 / March 14, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment हाल ही के समय में भारत के आर्थिक विकास की दर में बहुत तेजी आती दिखाई दे रही है एवं आगे आने वाले समय में आर्थिक प्रगति की गति और अधिक तेज होने की उम्मीद की जा रही है। किसी भी क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ने के अपने लाभ भी हैं और नुक्सान […] Read more » आर्थिक प्रगति में शुचितापूर्ण नीतियों की जरूरत
आर्थिकी राजनीति वैश्विक स्तर पर भुगतान के माध्यम के रूप में स्थापित हो रहा है भारतीय रुपया March 12, 2023 / March 12, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में कच्चा तेल, स्वर्ण एवं रक्षा उपकरण जैसे उत्पादों का आयात सबसे अधिक होता है। आज भारत द्वारा सबसे अधिक तेल का आयात रूस से किया जा रहा है जिसका भुगतान रुपए अथवा रूबल में हो रहा है। “आत्मनिर्भर भारत” की घोषणा के बाद से रक्षा उपकरणों को भारत में ही निर्मित किए जाने […] Read more » Indian rupee is being established as a medium of payment globally
आर्थिकी राजनीति मुद्रा स्फीति पर अंकुश क्यों जरूरी March 6, 2023 / March 6, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment कोरोना महामारी के बाद से पूरे विश्व में मुद्रा स्फीति बहुत तेजी से बढ़ी है। भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रा स्फीति 7 प्रतिशत के ऊपर एवं थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रा स्फीति 13 प्रतिशत के ऊपर निकल गई थी। कई विकसित देशों में तो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रा स्फीति 10 प्रतिशत से […] Read more » Why it is important to control inflation
आर्थिकी राजनीति भारतीय गृहणियों के घरु कार्य का आंकलन कर इसे सकल घरेलू उत्पाद में शामिल किया जाना चाहिए March 2, 2023 / March 2, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारतीय अर्थशास्त्रियों द्वारा जैसी कि उम्मीद की जा रही थी एवं भारतीय रिजर्व बैंक ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था सम्बंधी अपने आंकलन में जो सम्भावना व्यक्त की थी, उसी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 की तृतीय तिमाही, अक्टोबर-दिसम्बर 2022, में देश के सकल घरेलू उत्पाद में 4.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि वित्तीय […] Read more » The household work of Indian housewives should be calculated and included in the GDP