प्रह्लाद सबनानी

सेवा निवृत उप-महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक ग्वालियर मोबाइल नम्बर 9987949940

भारत में आर्थिक सुधार कार्यक्रम के सुखद परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं

वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के स्थापित होने के बाद से आर्थिक क्षेत्र में सुधार कार्यक्रमों की घोषणा...

केंद्र सरकार ने गरीबी समाप्त करने के उद्देश्य से विदेशी निवेश को भारत की ओर मोड़ने में सफलता पाई है

21वीं सदी के तीसरे दशक में समाहित, वर्ष 2022 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण करेगा। आज देश...

भारतीय अर्थव्यवस्था ने अप्रेल-जून 2021 तिमाही में लगाई ऊंची छलांग

मार्च 2020 के बाद कोरोना महामारी के प्रथम दौर के दौरान पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन के कारण भारत...

भारत में आर्थिक विकास को गति देने हेतु उद्योग क्षेत्र को बढ़ाना होगा अपना योगदान

किसी भी देश के आर्थिक विकास को गति देने में तीन क्षेत्रों, कृषि क्षेत्र, उद्योग क्षेत्र एवं सेवा क्षेत्र का...

भारत में हथकरघा उद्योग के गौरवशाली दिन वापिस लाने हेतु किए जा रहे हैं कई प्रयास

प्राचीन समय में भारत में प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध था। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में कृषि के साथ...

पूंजीवादी अर्थव्यवस्थाओं पर मंडराते खतरों का हल भारतीय दर्शन में है

 पश्चिमी देशों में उपभोक्तावाद के धरातल पर टिकी पूंजीवादी अर्थव्यवस्थाओं पर आज स्पष्टतः खतरा मंडरा रहा है। 20वीं सदी में...

भारतीय अर्थव्यवस्था V आकार की रिकवरी के साथ ऊंची छलांग लगाने को तैयार

 कोरोना महामारी की दो लहरों को झेलने के बाद भारत में अर्थव्यवस्था अब धीरे-धीरे पटरी पर आती दिख रही है। भारत में, अप्रैल-मई 2021 के महीनों में महामारी की दूसरी लहर का सामना करने के बाद, जून 2021 में आर्थिक गतिविधियां तेज गति से पुनः प्रारम्भ हो गई हैं, जिसका असर अब जुलाई 2021 माह के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बढ़ती घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय मांग के कारण कारखानों में कामकाज ने रफ्तार पकड़ी ली है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल कर (प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष) राजस्व 14.24 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पहले के वित्त वर्ष के मुकाबले पांच प्रतिशत अधिक है, इसके साथ ही भारतीय शेयर बाजार अब एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। हाल ही में सेंसेक्स 54 हजार अंक के स्तर को पार कर गया, निफ्टी भी नई ऊंचाई पर कारोबार कर रहा है। भारत का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जुलाई 2021 माह में 55.3 रहा है जो माह जून 2021 में देश के अलग-अलग हिस्सों में लोकल लॉकडाउन के कारण 48.1 था। जुलाई 2021 माह में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 16 हजार 393 करोड़ रहा, सालाना आधार पर इसमें 33 फीसदी की वृद्धि आंकी गई है। देश में रोजगार के नए अवसर भी निर्मित होने लगे हैं, विशेष रूप से सूचना तकनीकि क्षेत्र में तो रोजगार के नए अवसरों की बहार आ रही है। कम्पनियों की लाभप्रदता में तेज गति से वृद्धि दृष्टिगोचर है एवं दुपहिया एवं चार पहिया वाहनों की बिक्री में भी लगातार उछाल दिखाई...

भारत के विश्व में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में पुनः शामिल होने के संकेत

कोरोना महामारी की दूसरी लहर का असर हालांकि देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा तो है परंतु यह बहुत कम ही...

आर्थिक क्षेत्र में सुधार कार्यक्रम लागू करने की रफ्तार हुई तेज

भारत में 30 वर्ष पूर्व, वर्ष 1991 में, आर्थिक क्षेत्र में सुधार कार्यक्रम लागू किए गए थे। उस समय देश...

केंद्र सरकार ने सहकारिता मंत्रालय का गठन कर देश में सहकारिता आंदोलन के सफल होने का रास्ता खोला

भारत में आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से सहकारिता आंदोलन को सफल बनाना बहुत जरूरी है। वैसे तो...

19 queries in 0.389