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काले धन के जड-मूल : पाश्चात्य-पद्धति के स्कूल

काले धन के विष-वृक्ष से समाज व देश को अगर सचमुच ही मुक्त
करना है , तो इसकी पत्तियों व डालियों के ‘विमुद्रीकरण’ अथवा लेन-देन की
प्रक्रिया के ‘कम्प्युटरीकरण’ से कुछ नहीं होगा ; बल्कि इसके लिए इसके
जड-मूल अर्थात दीक्षाहीन पाश्चात्य शिक्षा-पद्धति को उखाड कर
धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष-सम्पन्न भारतीय शिक्षण-पद्धति का पुनर्पोषण करना
होगा ।

दूसरों की इन चीजों को उधार मांगने से खाली रहती है जेब….

प्रिय पाठकों/मित्रों, प्रथवी पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति में नकारात्मक-सकारात्मक उर्जा होती है। जिसका प्रभाव न…

बिना बाल शिक्षा के देश के उज्जवल भविष्य की कल्पना करना निरर्थक

वर्तमान में भारत देश में कई जगहों पर आर्थिक तंगी के कारण माँ-बाप ही थोड़े पैसों के लिए अपने बच्चों को ऐसे ठेकेदारों के हाथ बेच देते हैं, जो अपनी सुविधानुसारउनको होटलों, कोठियों तथा अन्य कारखानों आदि में काम पर लगा देते हैं। और उन्हीं होटलों, कोठियों और कारखानों के मालिक बच्चों को थोड़ा बहुत खाना देकरमनमाना काम कराते हैं। और घंटों बच्चों की क्षमता के विपरीत या उससे भी अधिक काम कराना, भर पेट भोजन न देना और मन के अनुसार कार्य न होने पर पिटाईयही बाल मजदूरों का जीवन बन जाता है।

वायु प्रदूषण से निपटने के लिये  बने सख्त कानून

जब प्रदूषण स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो स्वास्थ्य के लिए घा तक हो जाता है, और तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कि फेफड़ों में संक्रमण व आंख, नाक व गले में कई तरह की बीमारियों और ब्लड कैंसर जैसी तमाम घातक बीमारियों को जन्म देता है। अगर क् षेत्र में वायु प्रदूषण मानकों से ज्यादा है तो लोगों को मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए।

हवा की शुद्वता के लिए प्रदूषण के खिलाफ जनान्दोलन छेड़ने की जरूरत

खेती और किसानों के लिए अहम पराली को संरक्षित करने के बाबत बनाई गई राष्ट्रीय पराली नीति भी राज्य सरकारों के ठेंगा पर दिख रही है। गेहूं, धान और गन्ने की पत्तियां सबसे ज्यादा जलाई जाती है। अधिकृत रिपोर्ट के अनुसार देश के सभी राज्यों को मिलाकर सालाना 50 करोड़ टन से अधिक पराली निकलती है उम्मीदों से भरे प्रदेश उत्तर प्रदेश मे छह करोड़ टन पराली में से 2.2 करोड़ टन पराली जलाई जाती है।

सतर्क रहें बर्ड फ्लू फिर लौट आया है भारत

मनुष्यों में बर्ड फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार आना, हमेशा कफ बना रहना, नाक बहना, सिर में दर्द रहना, दस्त होना, जी मिचलाना, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, आंख में कंजंक्टिवाइटिस, पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना, सांस लेने में तकलीफ होना, सांस ना आना और निमोनिया होना प्रमुख हैं। बर्ड फ्लू के इलाज के लिए एंटीवायरल दवाओं का उपयोग किया जाता है। इस बीमारी में पूरी तरह आराम करना बहुत आवश्यक होता है।

दीवाली उपहार है हिंदुत्व की परिभाषा की पुनर्स्थापना

हिन्दुस्थानियों के एक बड़े व महान पर्व दीवाली के एन पूर्व पिछले सप्ताह एक हलचल…

कैसे बढ़ेंगी पुलिस-पब्लिक की नजदीकियां

दिल्ली और मुंबई पुलिस ने कुछ बहुत अच्छे प्रयोग किए हैं। जाहिर तौर पर महानगरों की पुलिस ज्यादा संसाधनों से लैस है लेकिन राज्यों में वे प्रयोग दुहराए जा सकते हैं। यह बात निश्चित है कि धटनाएं रोकी नहीं जा सकतीं किंतु एक बेहतर पुलिसिंग समाज में संवाद और भरोसे का निर्माण करती है। यह भरोसा बचाना और उसे बढ़ाना आज के पुलिस तंत्र की जिम्मेदारी है। यहां यह भी जोड़ना जरूरी है कि मीडिया के तमाम अवतारों और प्रयोगों के बाद भी व्यक्तिगत संपर्कों और व्यक्तित्व का महत्व कम नहीं होगा।

गुरू ज्ञान पर भारी है गूगल ज्ञान

सच कहें तो इस कठिन समय का सबसे संकट है एकाग्रता। आधुनिक संचार साधनों ने सुविधाओं के साथ-साथ जो संकट खड़ा किया है वह है एकाग्रता और एकांत का संकट। आप अकेले कहां हो पाते हैं? यह मोबाइल आपको अकेला कहां छोड़ता है? यहां संवाद निरंतर है और कुछ न कुछ स्क्रीन पर चमक जाता है कि फिर आप वहीं चले जाते हैं, जिससे बचने के उपाय आप करना चाहते हैं।