भावनाएँ

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जितेन्द्र माथुर मानवीय जीवन का एक अविभाज्य अंग हैं भावनाएँ । भावनाओं के बिना जीवन कैसा ? भावनाएँ ही तो हैं जो कि एक रुखेसूखे और रंगहीन जीवन को रसरंगयुक्त बनाती हैं । एक भावनाविहीन जीवन उपयोगी तो हो सकता है लेकिन उसकी उपयोगिता सीमित ही रहेगी । यदि व्यक्ति भावनाओं से रहित है तो… Read more »

कैसे बनेगा समृद्ध भारत!

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लिमटी खरे भारत गणराज्य में न्यायपालिका को सर्वोच्च दर्जा है किन्तु देश की सबसे बड़ी पंचायत द्वारा कानून कायदे बनाए जाते हैं। इनका पालन हो रहा है या नहीं इसके लिए न तो बड़ी पंचायत और ना ही उसमें बैठे पंच और सरपंच ही संजीदा हैं। बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए बनाया गया… Read more »

दो सदियों से सत्ता का केंद्र बना हुआ है व्हाईट हाउस

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लिमटी खरे दुनिया जिसे डरकर सलाम करती है वह है अमेरिका। अमेरिका को यूं ही दुनिया का चौधरी नहीं कहा जाता। अमेरिका जब चाहे जिस देश पर जाकर अपनी सेना से वहां दमन फैला सकता है। जी हां यह सच है। जिसने भी अमेरिका की तरफ आंख तरेरी है। अमेरिका ने उसे नेस्तनाबूत कर दिया… Read more »

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की हकीकत – दुनिया गोल है

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विपिन किशोर सिन्हा बचपन में गुरुजी ने बताया था कि दुनिया गोल है। इसके प्रमाण में उन्होंने कहा था कि आप एक दिशा विशेष में एक नियत स्थान से अगर चलना प्रारंभ करेंगे, तो चलते-चलते पुनः उसी स्थान पर पहुंच जाएंगे, जहां से आपने यात्रा आरंभ की थी। भारत की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी, कांग्रेस… Read more »

14 सितम्बर हिन्दी दिवस पर विशेष

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सरमन नगेले ’’हिन्दी पर गर्व करो, और हिन्दी को अभियान दो’’ इंटरनेट के जरिए विश्व पटल पर राज करती हिन्दी हिन्दी आधारित ई व एम तंत्र के जरिए सूचना का लोकतंत्रीकरण डिजिटल खाई को पाटने में हिन्दी का सर्वाधिक योगदान आज भारत में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी के कारण हिन्दी पर गर्व करो, और हिन्दी… Read more »

14 सितम्बर जन्म दिवस पर विशेष:हरि प्रसाद ‘हरि’

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सुरेन्द्र अग्निहोत्री 14 सितम्बर राष्ट्रभाषा हिन्दी दिवस को ललितपुर मंे जन्में राष्ट्रभाषा के अमर गायक ‘रत्नावली’’, ‘राजुल’, ‘महावीर’ (महाकाव्य), सहित अनेक बुन्देली कृतियों के प्रणेता स्वर्गीय हरिप्रसाद ‘हरि’ ने ललितपुर को अपनी साधनास्थली बनाकर इस नगर का गौरव बढ़ाया, काव्य रचना के माध्यम से बुन्देली भूमि के गौरव से लेकर आजादी के शंखनाद के साथ… Read more »

सरकार ने ही कर दिया महाराजा को कंगाल

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सतीश सिंह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ताजा रिर्पोट ने फिर से पूरे देश में बवाल खड़ा दिया है। अपनी इस रिर्पोट में कैग ने यह कहा है कि नागरिक एवं उड्डयन मंत्रालय की गलत नीतियों तथा एयर इंडिया एवं इंडियन एयरलाइंस प्रबंधन के अंदर व्याप्त खामियों की वजह से महाराजा कंगाल हुआ है।… Read more »

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और हितों को लेकर नया कानून

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अमेरिका का नया फंडा पाकिस्तान में घुस कर लादेन को मारने के कारनामे से उत्साहित होकर एक बार फिर दूसरे देशों के अंदरूनी मामलो में दखल देने के लिये अमेरिका एक नया फंडा (कानून) तैयार कर रहा है। जिस में इस बार उस के निशाने पर भारत सहित पूर्व एशिया और दक्षिण मध्य एशिया के… Read more »

’……..फिर भी किसान अन्नदाता है पचौरी जी ! ”

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सुनील अमर आदरणीय सुधीश पचौरी जी, जितनी मेरी उम्र है, उससे कहीं ज्यादा आपको लिखने का तजुर्बा है, इसलिए आपके लिखे पर सवाल उठाने की धृष्टता से पहले मैं आपसे क्षमा मांग लेता हॅूं। कई स्थितियां हो सकती हैं, मसलन – मेरे आपके बीच पीढ़ी का अंतराल, योग्यता और अनुभव की मेरी कमी, देश के… Read more »

विदेशों में भी होता है पितरों का र्तपण

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रामकृष्ण पितरों की पूजा को भारत के लौकिक और सामाजिक कृत्यों में विशिष्ठतम स्थान प्राप्त है. लेकिन पितर-पूजा की प्रथा मात्र भारत में सीमित हो, ऐसा भी नहीं है.दूसरे देशों में भी उसका प्रचुर प्रचलन है. अमावस्या भारतीय पितरों की सर्वाधिक प्रिय तिथि है, और उस तिथि-विशेष को इतना महत्व क्यों दिया गया है इसकी… Read more »