लेख शख्सियत समाज सार्थक पहल रविदासजी एक सिद्ध एवं अलौकिक समाज-सुधारक संत थे February 24, 2024 / February 22, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment संत गुरु रविदास जयन्ती- 24 फरवरी, 2024 के उपलक्ष्य में– ललित गर्ग –जब भारतीय समाज और धर्म का स्वरूप रूढ़ियों एवं आडम्बरों में जकड़ा एवं अधंकारमय था तब संत गुरु रविदास एक रोशनी बनकर समाज को दिशा दी। वे अध्यात्म की सुदृढ़ परम्परा के संवाहक थे। वे ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते […] Read more » संत गुरु रविदास जयन्ती- 24 फरवरी
यात्रा वृत्तांत लेख ’’जैतो मोर्चा’’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम इतिहास February 22, 2024 / February 22, 2024 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment ’जैतो मोर्चा’ गंगसर साहिब सिक्खों द्वारा अहिंसात्मक पूर्ण एवं शांतिपूर्ण किये गये भारतीय स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन का स्वर्णिम इतिहास है। 21 फरवरी 2024 को जैतो मोर्चा आंदोलन के 100 वर्ष पूर्ण हुए हैं। यह एक साहसपूर्ण संघर्ष का इतिहास है जो सिक्खों द्वारा अंग्रेजों से अपनी संस्कृति व धार्मिक स्थानों को बचाने के लिए अहिंसात्मक […] Read more » Jaito Morcha Jaito Morcha Golden history of Indian freedom struggle
लेख जागरूकता से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है February 22, 2024 / February 22, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment फ़िरोज़ा अंसारीपुंछ, जम्मू “मुझे करीब पांच साल पहले गले के कैंसर के बारे में पता चला. पहले मुझे कान के पास एक छोटी सी गांठ हो गई थी. जिस पर मैंने बहुत गंभीरता से ध्यान नहीं दिया. धीरे-धीरे मेरी भूख बंद हो गई. जब मैंने चेकअप करवाया तो पता चला कि मुझे कैंसर हो चुका है. मेरा […] Read more » Awareness can reduce the risk of cancer Cancer
कविता वही तो ईश्वर है February 22, 2024 / February 22, 2024 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment –विनय कुमार विनायकआना जाना जिसपर निर्भरवही तो ईश्वर हैअमर होने की सबकी तमन्नापर निश्चित जहाँ मृत्यु डरवही तो ईश्वर हैजन्म देनेवाली जोड़ी जो चाहतीवो नहीं हो पाताचाह नहीं पर जो हो जातावही तो ईश्वर हैआनेवाला जो चाहता वो नहीं होताजो नहीं चाहता वो हो जातावही तो ईश्वर हैतुम चाहते बेटापर वो आ जाती बेटी बनकरवही […] Read more » वही तो ईश्वर है
लेख विलुप्त होती मातृभाषाओं को बचाना प्राथमिकता हो February 21, 2024 / February 22, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व मातृभाषा दिवस, 21 फरवरी 2024 पर विशेष– ललित गर्ग- यूनेस्को द्वारा हर वर्ष 21 फरवरी को विश्व मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देना। मातृभाषा के माध्यम से इंसानों को आपस में जोड़ना एवं सौहार्द स्थापित करना। […] Read more »
लेख बेरोज़गारी पलायन को मजबूर कर रहा है February 20, 2024 / February 22, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment पूनम नायकबीकानेर, राजस्थान “हम बहुत गरीब हैं, ऊपर से कोई स्थाई रोजगार भी नहीं है. मुझे कभी कभी दैनिक मज़दूरी मिल जाती है और कई बार तो हफ़्तों नहीं मिलती है. मेरी पत्नी लोगों के घरों में जाकर काम करती है. उसी से अभी घर का किसी प्रकार गुजारा चल रहा है. ऐसा लगता है कि बेरोजगारी […] Read more » बेरोज़गारी पलायन को मजबूर कर रहा है
लेख बंदरों के आतंक से प्रभावित होती कृषि February 19, 2024 / February 19, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सपनाकपकोट, बागेश्वरउत्तराखंड “बंदरों की बढ़ती संख्या से हमारे खेती सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। कहा जाए तो बिल्कुल नष्ट होने की कगार पर है। हम जो भी सब्जियां लगाते हैं बंदर आकर सब कुछ नष्ट कर देते हैं। कई बार अगर आंगन में मैं अपने बच्चों को अकेले छोड़ देती हूं तो बंदर आ […] Read more » Agriculture affected by monkey terror
लेख रेगिस्तान के जहाज के उन्नयन और संरक्षण की आवश्यकता ! February 19, 2024 / February 19, 2024 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment रेगिस्तान के जहाज(द शिप ऑफ डेजर्ट) के नाम से जाना जाने वाला, राजस्थान का राज्य पशु(ऊंटों के संरक्षण के लिए राजस्थान सरकार ने इसे साल 2014 में राज्य पशु का दर्जा दिया था) कहलाने वाला तथा राजस्थान की आन-बान और शान समझा वाला, स्तनधारी पशुओं में जिराफ़ के बाद दूसरे नंबर पर आने वाला एवं […] Read more » Desert ship needs upgrades and protection! ऊंटों के संरक्षण
व्यंग्य तुमको याद रखेंगे गुरु February 19, 2024 / February 19, 2024 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment “आइए महसूस कीजिये पब्लिसिटी के ताप को, मैं फिल्मवालों की गली में ले चलूंगा आपको” तो ख़्वातीनो हजरात मायानगरी की इस चमक-दमक से भरी दुनिया की सैर में आपका खैर मकदम है। इस रुपहली और मायावी दुनिया का एक बेफिक्र फलसफा है “बदनाम होंगे तो क्या नाम न होगा”। जी यकीनन होगा। हर हाल में नाम […] Read more »
लेख दिल्ली में सजा एशिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला February 17, 2024 / February 17, 2024 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment विश्व पुस्तक मेला (10-18 फरवरी) पर विशेषपुस्तकों के प्रति रूचि बढ़ाता विश्व पुस्तक मेला– योगेश कुमार गोयलनई दिल्ली में प्रतिवर्ष नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) द्वारा एक विशेष थीम के साथ एशिया के सबसे बड़े विश्व पुस्तक मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष 10 से 18 फरवरी के बीच ‘बहुभाषी भारत: एक जीवंत परम्परा’ […] Read more » विश्व पुस्तक मेला
कविता फूलों जैसी कली है बेटी February 17, 2024 / February 17, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment प्रियंका कोशियारी कपकोट, उत्तराखंड फूलों जैसी कली है बेटी। तितली जैसी उड़ान है उसकी। कर सकती है वो भी सबकुछ। अपने पिता की शान है वो। मेहंदी के रंग के बदले। हाथों में होगी कलम उसके।। ना बांधो यूं ज़ंजीरों में उसको। तोड़ दो सारे बंधन उसके।। साक्षरता का दीप जलाकर। अंधियारा वह दूर भगाएगी।। न […] Read more » फूलों जैसी कली है बेटी
कविता वे दिन थे मेरे लिए बेहद खास February 17, 2024 / February 17, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment करीना थायत कक्षा-9 गरुड़, उत्तराखंड वे भी दिन थे मेरे लिए बेहद खास। जब खेलने का था मुझको अहसास।। अब तो जिंदगी से है यही आस। दोबारा खेलने का मौका आए मेरे पास।। न थी चिंता, न थी कोई फिक्र। बस याद आ रहे हैं खेलकूद के दिन। जब खेलते हैं बच्चे सारे दिन। याद […] Read more » Those days were very special for me