लेखक परिचय

सतीश सिंह

सतीश सिंह

श्री सतीश सिंह वर्तमान में स्टेट बैंक समूह में एक अधिकारी के रुप में दिल्ली में कार्यरत हैं और विगत दो वर्षों से स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। 1995 से जून 2000 तक मुख्यधारा की पत्रकारिता में भी इनकी सक्रिय भागीदारी रही है। श्री सिंह दैनिक हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान टाइम्स, दैनिक जागरण इत्यादि अख़बारों के लिए काम कर चुके हैं।

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cartoonभष्ट्राचार की कहानी

 लिख दो 

इतिहास के पन्नों पर

कोड़ा के भष्ट्राचार की कहानी

 

भर दो उसमें

गरीबों के खून की स्याही

 

ताकि

सदियों तक

 

पढ़ा जा सके

आज के इतिहास में 

मूल्यों से बेवफाई।

One Response to “भष्ट्राचार की कहानी : कविता – सतीश सिंह”

  1. nirmla.kapila

    ताकि

    सदियों तक

    पढ़ा जा सके

    आज के इतिहास में

    मूल्यों से बेवफाई।
    बिलकुल स्टीक अभिव्यक्ति है शुभकामनायें

    Reply

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