भष्ट्राचार की कहानी : कविता – सतीश सिंह

cartoonभष्ट्राचार की कहानी

 लिख दो 

इतिहास के पन्नों पर

कोड़ा के भष्ट्राचार की कहानी

 

भर दो उसमें

गरीबों के खून की स्याही

 

ताकि

सदियों तक

 

पढ़ा जा सके

आज के इतिहास में 

मूल्यों से बेवफाई।

1 thought on “भष्ट्राचार की कहानी : कविता – सतीश सिंह

  1. ताकि

    सदियों तक

    पढ़ा जा सके

    आज के इतिहास में

    मूल्यों से बेवफाई।
    बिलकुल स्टीक अभिव्यक्ति है शुभकामनायें

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