लेखक परिचय

पियूष द्विवेदी 'भारत'

पीयूष द्विवेदी 'भारत'

लेखक मूलतः उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी हैं। वर्तमान में स्नातक के छात्र होने के साथ अख़बारों, पत्रिकाओं और वेबसाइट्स आदि के लिए स्वतंत्र लेखन कार्य भी करते हैं। इनका मानना है कि मंच महत्वपूर्ण नहीं होता, महत्वपूर्ण होते हैं विचार और वो विचार ही मंच को महत्वपूर्ण बनाते हैं।

Posted On by &filed under कविता.


 पियूष द्विवेदी ‘भारत’

प्यार के शुरुआत का,

दोस्ती को श्रेय है!

भिन्न-लैंगिक दोस्ती में,

प्यार ही तो ध्येय है!

 

प्यार सुन्दर भावना,

सत्य है, हूं मानता!

पर इक सत्य और, जो

हरकोई है जानता!

 

जानने के बाद भी,

बोलता कोई नही!

प्यार के इस रूप को,

खोलता कोई नही!

 

सत्य ये, प्यार से ही

ये जगत गुलज़ार है!

सत्य ये, प्यार ही तो

‘प्रजनन का द्वार है’!

 

दोस्ती से प्यार है;

प्यार से संयोग है;

संयोग से सृष्टि है;

संयोग ही भोग है;

 

संयोग की भावना,

प्यार की बुनियाद है!

संयोग से ही सृष्टि है,

औ’ जगत आबाद है!

 

दोस्ती बिन प्यार ना;

प्यार बिन संयोग ना;

संयोग बिन सृष्टि ना;

शेष कोई लोग ना;

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *