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-नेहा राजोरा-
ghazal-

क्या करूं की तू मेरा हो जाये,
काश एक दिन ऐसा भी आये,
रोऊं तो मैं तब भी पर आंसू तुझे पाने की खुशी के हो,
क्या करूं की तू मेरा हो जाये, काश एक दिन ऐसा भी आये,
झूठ तो मुझसे तब भी बोलेगा, फितरत मुझे पता है तेरी,
पर वो झूठ मेरे चेहरे पर खुशी लाने को हो,
क्या करूं की तू मेरा हो जाये, काश एक दिन ऐसा भी आये,
जो कशिश मेरी आंखों में है तेरे प्यार की, वो कभी तेरी निगाहोें में भी देख सकूं,
सिसक रही हूं आज तेरे प्यार में,
पता नहीं सच है, या फरेब,
एक बार सब बता कर तो देख,
तेरी खुशी के लिए कुछ भी ना कर जाऊं तो कहना,
तुझसे किये वादे से पलट जाऊं तो कहना,
क्या करूं की तू मेरा हो जाये,
काश एक दिन ऐसा भी आये…

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