लेखक परिचय

प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो

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वीरचन्द राघव जी गांधी की मूर्ति की स्थापना और अनावरण

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जैन संघ के परम विद्वान, हितचिंतक श्री वीरचन्द राघव जी गांधी के 154वें जन्म-जयन्ती वर्ष में उनकी एक आदमकद मूर्ति की स्थापना और अनावरण समारोह का आयोजन 1 अप्रैल, 2018 को प्रातः 11-00 बजे परम पूज्य जैनाचार्य श्रीमद्विजय नित्यानन्दसूरीश्वर जी म-सा- की पावन निश्रा में वल्लभ स्मारक प्रांगण, 20 किमी- माइल स्टोन, जी-टी- करनाल रोड,… Read more »

पानी पर विकलांगों का भी अधिकार है

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मोहम्मद अनीस उर रहमान खान   “घर में पानी की पाइप लगी है, लेकिन पानी नहीं आता, परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूर चश्मे से पानी लाता हूँ, अम्मी बीमार रहती हैं, छोटी बहन के पैर सूख गए हैं वे सी-टी-ई-वी बीमारी का शिकार है, उसका तो चलना मुश्किल है तो पानी… Read more »



कोई बेचता है पतंग, किसी का कबाड़ का कारोबार, ये है PM मोदी का परिवार!

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प्रधानमंत्री का साफ मानना है कि
सत्ता के साथ किसी तरह का जुड़ाव उन्हें भ्रष्ट कर सकता है. यह भी है कि इससे भ्रष्टाचार और
भाई-भतीजावाद से नेता की छवि पर असर पड़ सकता है. इस वजह से भी उन्हें
परिवार को दूर रखना पड़ता है.

देवभूमि की विपदा

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जय प्रकाश पाण्डेय पिथौरागढ़ की सिमलगैर बाजार में राजू गोलगप्पा के बगल से जाने वाली गली में वीर दा की एक दूकान है चिली मोमोस | पहले यह दूकान लगभग 10 साल पहले कॉलेज लाइन में हुआ करती थी | अपने मोमोस और चाउमीन के लिए विख्यात यहाँ के मालिक वीर दा ने अपने निजी… Read more »

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद

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लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 के दिन देश को आज़ादी मिली। जश्न के इस मौके के पीछे बँटवारे का मातम चला आया। लहूलुहान देश को खड़ा करने के लिए राष्ट्रवाद के शंखनाद की आवश्यकता थी। तत्कालीन राजनैतिक नेतृत्व उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद के साये में पनपी शिक्षा का मुरीद था। देश का छात्र-नौजवान ठगा… Read more »

हरि व्यापक सर्वत्र समाना, प्रेम ते प्रकट होहिं मैं जाना

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-संतोष कुमार त्रिपाठी-        मैं विवेकानंद का पुनर्जन्म और इस जन्म में कल्कि अवतार हूँ। नोस्त्रेदामस की भविष्यवाणियों का चंद्रमा नामक भारतीय और एंटी क्राइस्ट भी मै हूँ। अमेरिकन महिला भविष्यवक्ता   जीन डिक्सन द्वारा बोला गया गांधी जन्म भी मै हूँ। यह बात मैं वर्ष 1997 से ही , जब मै आईआईटी दिल्ली से यम… Read more »

नज़्म

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-राघवेन्द्र कुमार “राघव”- किसी की तासीर है तबस्सुम, किसी की तबस्सुम को हम तरसते हैं । है बड़ा असरार ये, आख़िर ऐसा क्या है इस तबस्सुम में ।। देखकर जज़्ब उनका, मन मचलता परस्तिश को उनकी । दिल-ए-इंतिख़ाब हैं वो, इश्क-ए-इब्तिदा हुआ । उफ़्क पर जो थी ख़ियाबां, उसकी रंगत कहां गयी । वो गवारा… Read more »

खोया हूं मैं

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–मनीष सिंह-    खोया हूँ मैं हक़ीक़त में और फ़साने में , ना है तुम बिन कोई मेरा इस ज़माने में।   तुम साथ थे तो रौशन था ये जहाँ मेरा , अब जल जाते हाथ अँधेरे में शमा जलाने में।   यूँ तो मशरूफ कर रखा है बहुत खुद को , फिर भी आ… Read more »

संतान को देकर जाएं

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श्री राम कृष्ण श्रीवास्तव 1  हम अपने माता पिता होने का दायित्व बड़ी कुशलता से निभाते हैं। अपने बच्चे को योग्यतम शिक्षा और ज्ञान देकर समाज में सम्मान के साथ रहने के लिए उसे उचित मार्ग दर्शन देते हैं। जिसके आधार पर वह अपनी योग्यता से वो सब कुछ अर्जित करने की क्षमता और सामर्थ्य… Read more »

समाज और धर्म की समापन किस्त

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-गंगानंद झा- जब अपने बड़े बेटे के हाई स्कूल में नामांकन का अवसर उपस्थित हुआ तो मेरे सामने चुनाव की समस्या आई, किस स्कूल में नामांकन कराया जाए? तब सीवान में लड़कों के तीन और लड़कियों के दो हाई स्कूल हुआ करते थे । लड़कों के स्कूलों के नाम थे डी.ए. वी. हाई स्कूल, इस्लामिया… Read more »