देखा नहीं अभी तक तुमको 

देखा नहीं अभी तक तुमको
पर रोज तुमको याद करते
तुम में क्या कशिश है
जो रोज तुमको याद करते

देखा नहीं हाथ अभी तुम्हारा
पर उसकी रेखा हम पढ़ लेते
स्पर्श नहीं किया बदन को
पर उसकी सुगंध सूंघ लेते

है कोई पूर्व जन्म का बंधन
जो हम रोज ऐसा करते
ये है दो दिलो का बंधन
जो बिना तारो के जुडा करते

दो धन्यवाद whatsup को
जो चेट हम तुम कर लेते
बिन जवान के खोले ही
यो दिल के बात कर लेते

जब बरसात है आती
क्यों बादल हमे सताते ?
ये प्यास का है सम्बन्ध
जो दो दिलो की प्यास बुझाते

क्यों दो दिल है धडकते ?
वे आपस में क्या कहते ?
ये दो धडकनों का सम्बन्ध
जो आपस में बात करते

ये कौन सी है मंजिल ?
जिस पर हम है चलते ?
ये है प्यार की मंजिल
जिस पर हमेशा चलते

तुम इतनी दूर भी रहकर
मेरे पास क्यों तुम रहते ?
ये अपने दिल से ही पूछो
ऐसा एहसास तुम क्यों करते

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