जीवन दीप जले का लोकार्पण सम्पन्न

photo 5.7.13 (1)नई दिल्ली, गत पांच जुलाई, 2013 (शुक्रवार) को कांस्टीट्यूशन क्लब में राष्ट्रधर्म पत्रिका के पूर्व सहायक सम्पादक विजय कुमार द्वारा लिखित पुस्तक ‘जीवन दीप जले’ का लोकार्पण हुआ। पुस्तक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 186 दिवंगत कार्यकर्ताओं का जीवन-परिचय वर्णित है। इनमें 150 प्रचारक हैं, जबकि शेष गृहस्थ कार्यकर्ता।

समारोह में बोलते हुए विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक श्री अशोक सिंहल ने कहा कि यह पुस्तक हर शाखा और घर में पढ़ी जानी चाहिए। जैसे हम ‘एकात्मता स्तोत्र’ में महान लोगों को स्मरण करते हैं, वैसे ही इन्हें भी याद किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत में अंग्रेजी शिक्षा के सूत्रधार लार्ड मैकाले ने गुरुकुल प्रणाली समाप्त कर देश में शिक्षा और संस्कार देने की प्राचीन व्यवस्था नष्ट कर दी; पर संघ संस्थापक डा0 हेडगेवार ने शाखा के माध्यम से एक नई गुरुकुल प्रणाली का निर्माण किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर क्षेत्र (दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल तथा जम्मू-कश्मीर) के संघचालक डा0 बजरंग लाल गुप्त ने कहा कि संघ के कार्यकर्ता की चार विशेषताएं होती हैं। ये हैं विचारों की स्पष्टता, आचरण की शुद्धता, व्यवहार की मधुरता और काम के विस्तार के लिए समय देना। इनके कारण ही संघ का काम आज देश-विदेश में सब ओर फैल गया है।

लोकार्पण से पूर्व लेखक विजय कुमार ने बताया कि संघ की विकास और विस्तार यात्रा में दो तरह के लोगों का योगदान रहा है। एक हैं वे प्रचारक, जिन्होंने अपनी शिक्षा पूरी कर घर-गृहस्थी के बंधन में न पड़ते हुए संघव्रत स्वीकार किया। उनमें से अधिकांश शाखा विस्तार के काम में लगे हैं; पर कुछ समाज जीवन के अन्य क्षेत्रों (धर्म, किसान, मजदूर, विद्यार्थी, नारी, साहित्य, वनवासी, सेवा, सहकार, स्वदेशी, कला…आदि) में भी काम कर रहे हैं। दूसरे वे गृहस्थ कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने कोई नौकरी, कारोबार या खेती आदि करते हुए संघ के काम को अपने-अपने क्षेत्र में दृढ़ किया।

इन दोनों ही श्रेणियों के हजारों कार्यकर्ता अब तक अपनी जीवन यात्रा पूर्ण कर चुके हैं। यद्यपि इन्होंने नाम, यश, मंच और मालाओं से दूर रहकर काम किया है; पर उनके जाने के बाद उनका स्मरण सबको लगातार प्रेरणा देता रहे, इसके लिए उन्होंने यह पुस्तक लिखी है।

समारोह की अध्यक्षता अ0भा0 विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 राजकुमार भाटिया ने, संचालन संजीवनी प्रकाशन के निदेशक दीनदयाल अग्रवाल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन समारोह के संयोजक श्री जगदीश गुप्त ने किया। हिन्दुस्थान समाचार के निदेशक श्री लक्ष्मीनारायण भाला ने पुस्तक की प्रस्तावना प्रस्तुत की।

पुस्तक – जीवन दीप जले, दो खंड/ पृष्ठ – कुल 400, मूल्य – 200 रु0 

प्रकाशक – संजीवनी प्रकाशन, बी 1202, भूतल, शास्त्री नगर

दिल्ली – 110062 (मोबाइल: 09810028042)

(चित्र परिचय – बाएं से श्री राजकुमार भाटिया, लेखक विजय कुमार, श्री अशोक सिंहल, श्री बजरंग लाल गुप्त, श्री लक्ष्मीनारायण भाला।)

1 COMMENT

  1. यह पुस्तक अमेरिका में कैसे प्राप्त हो सकती है ?

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