लेखक परिचय

पंडित दयानंद शास्त्री

पंडित दयानंद शास्त्री

ज्योतिष-वास्तु सलाहकार, राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्, मोब. 09669290067 मध्य प्रदेश

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जानिए फटे हुए कपड़ों के नुकसान …

प्रिय पाठकों/मित्रों, हम कैसे कपड़े पहनते हैं और उन्हें किस तरह से यूज करते हैं, इसका भी हमारी लाइफ में बहुत असर होता है।समय के साथ-साथ फैशन भी बदलता रहता है, कभी किसी चीज का फैशन आ जाता है तो कभी किसी चीज का। हम यहां कपड़ों के फैशन की बात कर रहे हैं जो हर मौसम, हर साल बदलता रहता है।ये बात ध्यान रखने योग्य है कि फटे-पुराने कपड़े पहनना हमारी संस्कृति के अनुसार नहीं है लेकिन इससे भी अधिक ऐसे कपड़े शुक्र ग्रह को भी प्रभावित करते हैं।

इन दिनों हम सभी यंगस्टर्स के बीच फटी हुई जींस पहनने का ट्रेंड देख रहे हैं। फेंगशुई में इसे बुरा माना जाता है और कहा जाता है कि इस तरह के कपड़े हमारे लिए बैड लक लेकर आते हैं। यही नहीं, इनफैक्ट कोई भी फटा हुआ या फेडेड कपड़ा कभी नहीं पहनना चाहिए फिर चाहे वह कितना भी फैशनेबल क्यों ना हो।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार फटे हुए वस्त्र हमारी शारीरिक क्षमता एवं ऊर्जा को नष्ट कर देते हैं तथा तन-मन को शिथिल बनाकर अनेक बीमारियों को जन्म देने वाले होते हैं।यदि ये वस्त्र कम या अधिक फटे हों तो इनका प्रयोग नहीं करना चाहिए जबकि फटे वस्त्रों को भी हम पहनने से परहेज नहीं करते हैं। फटे हुए कपड़ों का शुक्र ग्रह पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने से दांपत्य जीवन की खुशियां तो बाधित होती ही हैं साथ ही आपके जीवन की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।

‘ज्योतिष दिग्दर्शन’ के अनुसार : —

खंडित उपवस्त्रेण, नम: चव्चल जायते।
रोग, शोक, अनिष्टाणां, तत् कारणं प्रगल्भ्यते।।

अर्थात फटे हुए वस्त्र के प्रयोग से मन हमेशा चंचल बना रहता है। ये रोग, शोक एवं अनेक प्रकार के अनिष्टों को जन्म देने का कारण बनते हैं।

इस तरह के कपड़े पहनकर आप अपने फ्रेंड्स के बीच भले ही अच्छे लगें लेकिन ये आपके गुड लक को बैड लक में बदल सकता है। इस तरह के कपड़े पहनना दरिद्रता को न्योता देता है। यह सिर्फ बाहर जाने को लेकर ही बुरा नहीं माना जाता बल्कि अगर घर पर हैं या घर से ही काम कर करते हैं तो भी आपको फटे और पुराने कपड़े नहीं पहनने चाहिए। आपका अपनी पत्नी/पति या फ्रेंड के साथ मनमुटाव या अकारण लड़ाई का कारण भी वस्त्रों का फटा होना भी हो सकता है। अधिक दिनों तक फटे वस्त्रों को धारण करते रहने से अनेक प्रकार की मानसिक एवं शारीरिक बीमारियों का शिकार होना पड़ सकता है।

इसीलिए ज्योतिष शास्त्र ऐसे वस्त्रों का त्याग देने की ही बात करता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार, वीरवार एवं शुक्रवार को ही नवीन वस्त्र पहनने चाहिएं। शनिवार को पहनने से वस्त्र शीघ्र फटता है।
रविवार को पहनने से वस्त्र के जलने का डर रहता है तथा सोमवार को नवीन वस्त्र पहनने से पहनने वाले की आयु क्षीण होती है।

इसके अलावा जब आप रोजाना सुबह उठें तो आपको सबसे पहले अपनी नाइट ड्रेस को उतारकर कुछ प्रॉपर और ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो आंखो को अच्छा लगें। ऐसा करने से आप पॉजिटिव वाइब्रेशंस से भर जाएंगे और जब आप ऐसा रोजाना करने लगेंगे तो यह आपके लिए गुड लक भी लेकर आएगा।

अपने दिन की शुरुआत हमेशा एक अच्छी स्माइल और साफ-सुथरे कपड़ों के साथ करनी चाहिए। इतना ही नहीं कपड़ों को धोने के बाद उन्हें हमेशा धूप में सुखाना चाहिए, इससे उनमें वाइब्रेंट एनर्जी आती है।

धुले और सूखे हुए कपड़ों को कभी भी रात में बाहर नहीं छोडऩा चाहिए क्योंकि रात में एनर्जी निगेटिव हो जाती है, जो कपड़ों में भी आ जाती है और जब हम उन कपड़ों को पहनते हैं तो उसका असर हम पर भी होता है।

इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में राकर आप अपने और अपनी फैमिली के लिए एक हेल्दी और खुशनुमा माहौल बना सकते हैं।

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