माँ-बाप की सोच,बेटे-बेटी के बारे में

करे बेटी दोस्तों से बाते,तो बेचारी बेटी बेशर्म हो गई
करे बेटा बात गर्ल फ्रेंड से,उसकी उम्र अब बड़ी हो गई

हर वक्त नजर रखते हो,बेटी के मोबाइल पर
पर कभी नजर रखते हो,बेटे के इन्टरनेट पर

कहते हो बेटी से,मत जाओ तंग वस्त्र पहने कर
कभी कहते हो बेटे से,बुरी नजर न रख देख कर

करे बहन बाते किसी से,भाई बहन को हडकाता है
करे भाई बाते किसी लडकी से,गर्ल फ्रेंड बताता है

बंद करो ये दोगली बाते,फिर कहना तुम अपने समाज से
घर में बेटो को कहो,हर लडकी को बहन समझे आज से

कहते हो बेटी से,किसी के घर की इज्जत खराब मत करना
क्यों नहीं कहते बेटे से,हर घर की इज्जत सभाल कर रखना

अगर ये बात तुम्हे अच्छी लगे,इसे अब आगे फॉरवर्ड कीजिये
अगर समाज का सुधार चाहते हो,पहले अपना सुधार कीजिये

आर के रस्तोगी

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