निर्मल रानी,कांग्रेस प्रेम में कडवा कडवा थू(निर्मलरानी के लेख पर जवाब)

शादाब जफर “ष्शादाब”

निर्मल रानी जी ने “ष्मीठा मीठा गप कडवा कडवा थू” लेख लिखकर वास्तव में अपने मन की भडास और कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी के अलावा और कुछ नही किया। मुझे तरस आता है ऐसे पत्रकारो और टिप्पणीकारो पर जो अपनी लेखनी के साथ न्याय भी नही करते। उत्तर प्रदेश दरअसल हिंदुस्तान का दिल है। भारत की सारी की सारी अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश के कंधो पर टिकी है। सब से पहले बता दू हमारे देश भारत का नाम जिस राजा भरत के नाम पर पडा उन की परवरिश इसी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुई नजीबाबाद में बहने वाली मालिन नदी के तट पर बैठ कर महान कवि कालीदास ने शकुंतला की रचना की। गन्ने की खेती से पैदा हुई और उत्तर प्रदेश की मिलो मे बनी चीनी ही देश के तमाम लोगो की चाय में मिठास घोलती है। मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बनारस, लखनऊ, आगरा आदि प्रदेश के ऐसे तमाम जिले है जिन जिलो के दस्तकार आधे पेट रोटी खाकर हिंदुस्तान की तरक्की में अपनी मेहनत और कला के बल पर चार चांद लगाते है। हिंदुस्तान को इन्टरनेशनल लेबल पर पहचान दिलाते है। और मजे उडाते है दिल्ली और मुम्बई में बैठे हुए कुछ पूंजीपति और दलाल। उत्तर प्रदेश जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से सब से बडा प्रदेश है यानि सब से ज्यादा एमपी यूपी के होते फिर हर बार कांग्रेस सरकार की बनने पर यूपी के सांसदो को नजर अंदाज क्यो किया जाता है। रेल मंत्री बिहार का बनता है या बंगाल का,और उस पर ये सितम रेल बजट से यूपी को अलग रखा जाता है। सारी नई रेले बिहार या बंगाल से क्यो चलाई जाती है यूपी से क्यो नही। मै आप को बताता हूँ। बिजनौर के लगभग 40 प्रतिशत लोग मुम्बई में किसी न किसी रोजगार से जुड़े है और लगभग तीस सालो से बिजनौर से मुम्बई के लिये ट्रेन चलाने के लिये बिजनौर के लोग लिखा पढी कर रहे है मगर आज तक कोई भी नजीबाबाद या बिजनौर से मुम्बई के लिये ट्रेन नही चली क्यो। मै बताता हॅू आप को यूपी वाले बिहार वालो की तरह न तो दबंग है और न तोड़फोड करने वाले। यूपी वाले बंगाल वालो की तरह नक्सली भी नही बन सकते। फिर इन पर आप के आरोप की राहुल जी का कहना एकदम सही की यूपी वाले भिखारी है। आज आजादी के 66 साल बाद भी उत्तर प्रदेश के हालात नही बदले। आखिर इस सब का जिम्मेदार कौन है। क्या खुद उत्तर प्रदेश,हमारी सासंद या फिर कांग्रेस सरकारे । अगर उत्तर प्रदेश के हितो की बात की जाये तो आजादी के बाद जितना शोषण काग्रेस ने उत्तर प्रदेश के लोगो का किया है दूसरी किसी भी सरकार ने नही किया। काग्रेस ने कभी भी उत्तर प्रदेश की चिन्ता नही की। जब जब काग्रेस पाट्री को उत्तर प्रदेश के लोगो के वोट की जरूरत हुई तो प्रदेश के लोगो को रिझाने के लिये कभी मुस्लिमो को रिझाने की कोशिश की गई कभी दलितो को मोहरा बनाया गया। में एक बात पूछना चाहता हॅू कि आखिर राहुल में या खुद कांग्रेस में ऐसा क्या है कि उन्हे प्रधानमंत्री का पद थाली में सजाकर उत्तर प्रदेश के भिखारी दे। देश के तमाम कांग्रेस के अंध भक्त को सोचना और देखना चाहिये की आज सिर्फ और सिर्फ सत्ता के लालच में देश की दशा क्या से क्या कर दी। क्या राहुल खुद को गांधी समझते है यदि ऐसी गलत फहमी उन के मन में या कांग्रेसियो के मन में है तो उन्हे ये गलत फहमी तुरन्त दूर कर लेनी चाहिये। राहुल गांधी बिल्कुल नही क्या यूपी में आकर दलितो के घरो में आकर खाना खाने या सोने से वो महान बन जाते है। वो यूपी के ऐसे 100 घर क्यो गोद नही लेते जो वास्तव में अपना जीवन बदहाल बिता रहे है उन के बच्चो की पढाई लिखाई और पढने लिखने के बाद नौकरी की जिम्मेदारी क्यो नही लेते। क्यो गरीबो को अपने साथ दस जनपथ खाना खाने का न्यौता नही देते। राहुल वास्तव में गरीब अमीर,जात पात का भेदभाव मिटाना चाते है तो उत्तर प्रदेश के दलितो को गरीब तबके के लोगो को अपने घर बुलाकर खाना खिलाये। बेचारे गरीबो पर खाने का बोझ क्यो डाल रहे है।

लेखिका का कहना कि यूपी में कई आस्था के केन्द्र है वाराणसी, मथुरा, काशी,पीर फकीरो का बसेरा है और वहा भिखारी देश से भगवान के दर्शन को आये लोगो से भिक्षा लेते है कितना घटिया उदाहरण पेश किया गया है। लेखिका के श्ब्दो में ही कहना चाहॅूगा अब आईए उसी राज्य उत्तर प्रदेश के कुछ ऐसे वास्तविक तथ्यों पर नज़र डालते हैं जिन्हें सुनकर हम गदगद् हो जाते हैं और मारे खुशी के फूले नहीं समाते। उदाहरण के तौर पर हिंदू धर्म के सबसे बड़े दो प्रमुख आराध्यों भगवान श्रीराम व श्री कृष्ण की जन्मस्थली आज के उत्तर प्रदेश राज्य में ही स्थित है। इसके अतिरिक्त देश के बड़े से बड़े संतों व पीरों फकीरों का भी यह प्रदेश प्रमुख केंद्र है। देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश,देश को सबसे अधिक प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री व सांसद देने वाला भी राज्य है। ताजमहल जैसा विश्व के सात अजूबों में से एक अजूबा इसी राज्य के आगरा शहर में स्थित है। नवाबों का शहर कहा जाने वाला लखनऊ इसी प्रदेश की राजधानी है। इस प्रकार के अलंकरण युक्त वास्तविक तथ्य सुनते हुए हमारे कानों को कितना भाता है। और आगे बढ़ें तो हम देखेंगे कि देश के सबसे अधिक साहित्यकार, लेखक,कवि, मिर्ज़ा ग़ालिब, अकबर इलाहाबादी, जिगर मुरादाबादी,महादेवी वर्मा, फिराक गोरखपुरी क्या नहीं है इस राज्य की आग़ोश मेंघ् चंद्रशेखर आज़ाद व अशफाक उल्लाह से लेकर वीर अब्दुल हमीद तक के राष्ट्रभक्त अमर शहीद सेनानी इसी राज्य की माटी के सुपूत हैं। देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थान इसी राज्य में, देश को प्रत्येक वर्ष सबसे अधिक भारतीय प्रशासनिक अधिकारी देने वाला यही उत्तर प्रदेश। फिल्म जगत में तमाम महत्वपूर्ण अभिनेताए निर्देशक व देश के तमाम उद्योगपति सब इसी राज्य से संबंधित हैं। और यदि हम थोड़ा और पीछे की ओर जाएं तो तुलसीदास,कबीरदास, जायसी जैसे तमाम प्राचीन कवियों की कर्मभूमि भी आज का यही उत्तर प्रदेश रहा है। पवित्र संगम तथा काशी व सारनाथ इसी प्रदेश के आंचल में समाए हुए हैं। उर्दूए अवधीए भोजपुरी जैसी भाषाओं की परवरिश का भी यही राज्य गहवारा रहा है। यह सब बातें सुनकर हमें कितना आनंद आता है। क्योंकि उपरोक्त सभी बातें सच्ची हैं, सुंदर हैं, आकर्षक हैं,सकारात्मक हैं तथा राज्य के सभी निवासियों को अच्छी लगती हैं। कहना का अर्थ है कि आखिर ये मीठी मीठा नही बल्कि हकीकत है। राहुल जी ने अपनी बहन प्रियंका का विवाह इन्ही भिखारियो में मुरादाबाद में क्यो किया। उत्तर प्रदेश में चंबल है और चंबल के डाकूओ को चुनाव लडते हुए लेखिका ने देखा। में उन की जानकारी में इजाफा कर दू कि बिहार के कितने संसद कितने मुक्कदमो में जेल में है देश के कितने माफिया आज सांसद बनने क बाद जेलो में बंद है। शायद निर्मल रानी जी को काग्रेस प्रेम में ये याद नही रहा या जानबूझ कर उन्होने इसे भूला दिया। आज उत्तर प्रदेश के लोग देश के कोने कोने में अपनी मेहनत, कला के बल पर रोटी रोजी कमा रहे है भीख नही मांग रहे। आज उत्तर प्रदेश के लोगो से घर घर जाकर कौन लोग भीख मांग रहे है उन के कदमो में नाक रगड़ रहे है अगर रोज सही तरीके से निर्मला जी अखबार पढे तो में समझता हॅू बहुत ही जल्द उन की समझ में आ जायेगा की ये सब कांग्रेस की चाल है देशवासियो का ध्यान मंहगाई और भ्रष्टाचार से हटाने का।

5 COMMENTS

  1. कांग्रेस तो चाहती ही है कि लोग इस तरह की बहशों में उलझे और आजकल हम सब वही कर भी रहे हैं.

  2. साबाद भाई ,देश का दुर्भाग्य है की यहाँ रूस वादी है , चीन वादी है ,अमेरिका परस्त है कोई पाकिस्तान परस्त परन्तु हिन्दुस्थान परस्त तो अल्प संख्या में है !बड़े बड़े पदों पर बेठे राजनीतिग्य या ब्यूरोक्रेट्स भी भारत वादी नहीं लग रहे है !सब भारत को इण्डिया बनाने में लग रहे है , तोड़ने में लग रहे है ,लुटने ,लुटाने में लग रहे है! आपने अच्छा लिखा है

  3. शादाब भाई खूबसूरत लेख और निर्मल रानी को हकीकत का आईना दिखाने के लिये बधाई।

  4. शादाब भी बहुत शानदार जवाब दिया अपने लेकिन यह भी यद् रखिये जिन लोगों की रोज़ी रोटी इस तरह से चल रही है उनसे सही बात की आशा नहीं कर सकते. संपादक पब्लिक ऑब्ज़र्वर

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