खान-पान
- डॉ.वेदप्रकाश
राजनीति
- डॉ ब्रजेश कुमार मिश्र
कविता
- प्रभुदयाल श्रीवास्तव
गई एक दिन चुनमुन चींटी, नदी किनारे पानी पीने |
- विवेक रंजन श्रीवास्तव
- डॉ. सत्यवान सौरभ
April 21, 2026 / April 21, 2026 by डॉ ब्रजेश कुमार मिश्र | Leave a Comment
131 वां संविधान संशोधन विधेयक 2026 का प्रारूप मूलतः भारत में लोकसभा की संरचना, राज्यों के बीच सीटों के पुनर्वितरण और परिसीमन की पूरी प्रक्रिया को पुनर्गठित करने से सम्बन्धित था।
Read more »
April 21, 2026 / April 21, 2026 by विवेक रंजन श्रीवास्तव | Leave a Comment
विवेक रंजन श्रीवास्तव भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त उसकी विविधता और समावेशिता है। लेकिन जब लोकसभा में ही महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का […]
April 21, 2026 / April 21, 2026 by सौरभ वार्ष्णेय | Leave a Comment
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटरों की स्थापना पर सरकार द्वारा लगाई गई रोक ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सुधारों को बढ़ावा देने की जरूरत बार-बार रेखांकित की जा रही है। सवाल यह है कि क्या यह कदम उपभोक्ताओं के हित में है या फिर सुधारों की
April 21, 2026 / April 21, 2026 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment
पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले मेरे कई परिचित लोग जिनका राजनीति से कोई विशेष सरोकार नहीं है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। 2021 के चुनाव में जहां वो बीजेपी की राह कठिन बता रहे थे। वहीं इस बार पश्चिम बंगाल में बड़े परिवर्तन को भांप रहे हैं। उनका कहना है कि — इस बार पश्चिम बंगाल, कुछ अलग तरह के चुनावी माहौल में है।
विश्ववार्ता
April 16, 2026 / April 16, 2026 by अशोक कुमार झा | Leave a Comment
आज का विश्व एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ हर दिन के साथ अनिश्चितता और अस्थिरता बढ़ती प्रतीत हो रही है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि विश्व व्यवस्था एक नाजुक मोड़ पर खड़ी है। विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव न केवल पश्चिम एशिया बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बन चुका है।
April 16, 2026 / April 16, 2026 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment
जानकारों की माने तो अगर उत्तर कोरिया की तरह ईरान के पास परमाणु बम होता, तो इजरायल और अमेरिका दोनों ही देश उस पर हमला करने से पहले सौ बार सोचते।
April 13, 2026 / April 13, 2026 by सौरभ वार्ष्णेय | Leave a Comment
हिज़्बुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी माना जाता है, जो इजऱायल के खिलाफ छद्म युद्ध का हिस्सा है। ऐसे में हिज़्बुल्लाह पर हमला करना, दरअसल ईरान के प्रभाव को सीमित करने की रणनीति भी है। इजऱायल नहीं चाहता कि उसके आसपास ईरान का सैन्य घेरा मजबूत हो।इसके अलावा, इजऱायल के आंतरिक राजनीतिक दबाव भी इस नीति को प्रभावित करते हैं।
April 13, 2026 / April 13, 2026 by राजेश श्रीवास्तव | Leave a Comment
दरअसल पश्चिम एशिया की राजनीति बहुत जटिल है. ईरान और लेबनान का रिश्ता भी अलग तरह का है। इसके पीछे रणनीति, सुरक्षा, विचारधारा और क्षेत्रीय असर की बड़ी कहानी है। ईरान के लिए लेबनान सिर्फ एक छोटा अरब देश नहीं है बल्कि यह उसके क्षेत्रीय समीकरण का अहम हिस्सा है।