मोहन मंगलम
इन शब्दों के माध्यम से आपके सामने शब्दकोश को रखने का मेरा कोई इरादा नहीं है। हाँ, ये खास शब्द अपने आप में बहुत कुछ निहितार्थ समेटे हुए हैं। समस्या चाहे शारीरिक हो, मानसिक हो, सामाजिक हो या फिर और किसी तरह की ही, उससे वेदना होती है, कष्ट होता है। मगर जब कोई संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्या को सुनकर उसके समाधान के लिए सार्थक प्रयास करता है तो मन को बड़ा सुकून मिलता है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के स्तर पर सामाजिक सरोकार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक तय प्रणाली होती है। हालांकि नागरिकों को किस हद तक और कितनी जल्दी उनकी समस्याओं का समाधान मिल पाता है, यह इस तथ्य पर निर्भर करता है कि उस प्रणाली में तैनात अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी के निर्वहन में किस तरह रुचि लेते हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए राजस्थान संपर्क नाम से पोर्टल की व्यवस्था की है। इसके अनुसार टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल करने पर समस्या सुनने के साथ ही उसे दर्ज भी किया जाता है और समस्या के शीघ्रातिशीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया जाता है। जयपुर के जिस मोहल्ले में मैं रहता हूं, उसके बसने के करीब 30 साल बाद वहां सीवरेज लाइन डालने का मुहूर्त बना और ऐन बरसात के मौसम में काम शुरू कर दिया गया। पूरे मोहल्ले की सड़कें खोद डाली गईं जिससे दुपहिया-चौपहिया वाहनों की कौन कहे, लोगों का पैदल चलना भी दुश्वार हो गया। हालांकि इतनी समस्याओं के बावजूद लोग सीवरेज की समस्या का स्थायी समाधान होने की आस में तात्कालिक परेशानियों को खुशी-खुशी झेल रहे थे।

मोहल्ले की एक अपेक्षाकृत अधिक व्यस्त सड़क जो आसपास की दर्जनों कॉलोनियों तक पहुंचने का जरिया है, उसके कुछ हिस्से में बरसात के मौसम में काफी कीचड़ होने की वजह से लोगों को हो रही परेशानी के मद्देजनर मैंने गत जुलाई के पहले सप्ताह में 181 पर फोन करके इस सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों तथा अन्य लोगों को होने वाली समस्या का तात्कालिक समाधान किये जाने के लिए गुहार लगाई।
शिकायत करने के करीब दो सप्ताह बाद मेरे पास फोन आया कि आपकी समस्या का समाधान कर दिया गया है जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस थी। संबंधित कर्मचारी के पूछने पर मैं अपनी असंतुष्टि जताता तो वह पूरी समस्या नए सिरे से दर्ज करता और शीघ्र समाधान किए जाने हेतु तसल्ली देता। उसके 10-12 दिन बाद पुनः मेरे पास फोन आता कि आपकी समस्या का समाधान कर दिया गया है। मैं पुनः अपनी असंतुष्टि जता देता और एक बार फिर मुझसे पूछकर मेरी शिकायत दर्ज की जाती और 10-12 दिन बाद फिर मेरे पास फोन आता कि आपकी समस्या का समाधान कर दिया गया है। काफी दिनों तक यह औपचारिकता निभाई जाती रही।
समय बीतता गया। बारिश का दौर धीरे-धीरे थमने लगा और सीवर का काम करने वाली एजेंसी ने रूटीन वर्क के तहत सड़क पर ग्रेवल डालने का काम शुरू कर दिया और अब मोहल्ले की अधिकांश सड़कों का डामरीकरण भी कर दिया गया है। मोहल्ले के बाकी बचे स्थानों पर भी काम चल रहा है जिसके शीघ्र ही पूर्ण हो जाने की संभावना है।
इस बीच पिछले करीब दस दिन से राजस्थान संपर्क से मेरे पास फोन आने का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है। हर तीसरे दिन फोन करके मुझे बताया जाता है कि आपकी समस्या का समाधान कर दिया गया है। अब मैं उन्हें क्या बताऊं कि बारिश के दिनों में होने वाली परेशानी का समाधान यदि मानसून की विदाई के बाद कर भी दिया जाए तो उससे पीड़ितों का क्या भला होगा? यदि समस्या की प्रकृति को तरजीह देते हुए तात्कालिक रूप से उसका समाधान किया जा सके तभी पीड़ितों को लाभ मिल सकेगा तथा इस सेवा की सार्थकता सिद्ध हो सकेगी।
तब है यह हाल
जन सरोकारों से जुड़ी राजस्थान संपर्क को मुख्यमंत्री काफी गंभीरता से लेते हैं। तभी तो इस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों तथा उनके निस्तारण की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए अनेक उच्च अधिकारियों को भी तैनात किया गया है। यही नहीं, कई बार तो मुख्यमंत्री स्वयं ही टोल फ्री नंबर 181 पर आने वाली समस्याओं को सुनते हैं। जिन भाग्यवान शिकायतकर्ताओं को मुख्यमंत्री को अपनी समस्या सुनाने का सुअवसर मिल जाता है, उसकी समस्या का समाधान हाथोंहाथ हो जाया करता है।
सबकी ऐसी किस्मत कहाँ !
विभिन्न समाचार माध्यमों से प्राप्त सूचना के अनुसार राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 9 अक्टूबर को हेल्पलाइन – 181 के निरीक्षण के दौरान गंगापुर सिटी के विकास वाल्मीकि से सीधे बात कर उनकी समस्या सुनी थी। गंगापुर सिटी के वार्ड 37 में रहने वाले विकास वाल्मीकि के इलाके में करीब छह महीने से पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त थी। विकास की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपखंड अधिकारी सहित स्थानीय प्रशासन और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। विभागीय टीम ने संसाधन और श्रमिक जुटाकर मरम्मत शुरू कराई और उसी दिन रात में पाइपलाइन ठीक कर दी गई। इस तरह शिकायत के कुछ ही घंटों में एक नागरिक की समस्या का समाधान हो गया।