लेखक परिचय

विमलेश बंसल 'आर्या'

विमलेश बंसल 'आर्या'

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-विमलेश बंसल-
girl on swing

सुनते आये रोज़ कहानी शौर्य, त्याग, बलिदान की।
आओ बहनों बनें वाहिनी आर्य राष्ट्र निर्माण की॥
वंदे मातरम्-4
1. हम हैं शिक्षित हम हैं दीक्षित हाथों में अखबार लिये।
हम हैं दुर्गा हम हैं काली कांधों पर हथियार लिये।
असुरों को हम मार गिराएं परवाह न कर जान की॥
आओ बहनों…
२. हम अभय सिंहनी करें गर्जना सुन गीदड़ डर जाते हैं।
जो कोई आंख उठाकर देखें बोटी नोच गिराते हैं।
पले हुए हम उस माटी में जो वीरों के त्राण की॥
आओ बहनों…
3. हमने ही उत्तम माता बन ध्रुव, प्रह्लाद बनाये हैं।
हमने ही उत्तम माता बन राम और कृष्ण जनाये हैं।
हमने ही अनुसुइया मां बन ईश्वर की पहचान की॥
आओ बहनों…
4. सभी क्षेत्र में गूंज हमारी धरती या आकाश गगन।
हमको दी कुदरत ने भारी धैर्य वीरता और लगन।
हमने ही बनकर के सुनीता अंतरिक्ष उड़ान की॥
आओ बहनों…
5. मगर भूल गये वर्षों से हम अपनी ही आज़ादी को।
महापुरुषों ने हमें बचाकर दूर किया बर्बादी को।
विमल आज उनकी ही खातिर हम सबने मुस्कान दी॥
आओ बहनों…

One Response to “बहनों के लिये शिविर में गाए जाने वाला गीत”

  1. आर. सिंह

    आर. सिंह

    उम्मीद करनी चाहिये की अब जब महिला आरक्षण विरोधी गुट धाराशाई हो चुका है,तो जल्द ही महिला आरक्षण बिल दोनो सदनों में पारित होकर कानून का रूप अख्तियार कर लेगा।

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