लेखक परिचय

संजीव कुमार सिन्‍हा

संजीव कुमार सिन्‍हा

2 जनवरी, 1978 को पुपरी, बिहार में जन्म। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक कला और गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में स्नातकोत्तर की डिग्रियां हासिल कीं। दर्जन भर पुस्तकों का संपादन। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर नियमित लेखन। पेंटिंग का शौक। छात्र आंदोलन में एक दशक तक सक्रिय। जनांदोलनों में बराबर भागीदारी। मोबाइल न. 9868964804 संप्रति: संपादक, प्रवक्‍ता डॉट कॉम

Posted On by &filed under परिचर्चा, महत्वपूर्ण लेख, मीडिया.


मुख्‍यधारा के मीडिया के ताम-झाम (पेड न्‍यूज, भूत-प्रेत, पेज थ्री, गांव-गरीब-किसान उपेक्षित) तथा दबाव एवं प्रभाव से मुक्‍त होकर अपने सीमित संसाधनों के बूते  ‘न्‍यू मीडिया’ के माध्‍यम से हिंदी की कुछ वैकल्पिक वेबसाइट्स अच्‍छा काम कर रही है और अच्‍छी बात यह है कि इन सभी वेबसाइट्स में प्रवक्‍ता डॉट कॉम ने आप सबका अटूट विश्‍वास प्राप्‍त कर कम ही समय में श्रेष्‍ठ स्‍थान प्राप्‍त कर लिया है। 

‘प्रवक्‍ता’ को हर महीने तेरह लाख अट्ठावन हजार सात सौ हिट्स मिल रही है और इस साइट से 400 से अधिक लेखक जुड़ चुके हैं। 

प्रवक्‍ता डॉट कॉम की इस ऊंची उड़ान के लिए मैं इसके प्रबंधक श्री भारत भूषण, सुविज्ञ लेखकगण एवं सुधी पाठकगण के प्रति आभार प्रकट करता हूं। आशा है कि हमें आगे भी इसी तरह आपका स्‍नेह प्राप्‍त होता रहेगा। 

आपका,

संजीव सिन्‍हा

संपादक प्रवक्‍ता 

हम यहां http://www.alexa.com औरhttp://www.hypestate.com  के आधार पर हिंदी वेब मीडिया के प्रमुख वैकल्पिक वेबसाइटों की सूची प्रस्‍तुत कर रहे हैं :  

क्रमांक

वेबसाइट

संपादक

डोमेन आयु

डेली विजिट

डेली पेजव्‍यू

एलेक्‍सा रैंकिंग

1.

प्रवक्‍ता

संजीव सिन्‍हा

2 वर्ष 10 महीना 1 दिन

4,397

45,290

82,603

2.

रविवार

आलोक पुतुल

4 वर्ष 8 महीना 10 दिन

4,476

37,599

85,674

3.

मोहल्‍लालाइव

अविनाश दास

2 वर्ष 3 महीना 27 दिन

4,213

16,009

110,703

4.

विस्‍फोट

संजय तिवारी

4 वर्ष 3 महीना 7 दिन

3,081

7,393

168,046

5.

जनोक्ति

जयराम विप्‍लव

2 वर्ष 16 दिन

1,474

8,405

270,117

6.

हस्‍तक्षेप

अमलेन्‍दु उपाध्‍याय

1 वर्ष 7 दिन

922

9,584

370,907

7.

नेटवर्क6

आवेश तिवारी

1 वर्ष 4 महीना 29 दिन

448

761

1,067,044


41 Responses to “‘प्रवक्‍ता डॉट कॉम’ बना वैकल्पिक वेबसाइटों का सिरमौर”

  1. डॉ. राजेश कपूर

    डा.राजेश कपूर

    तपस्या कठिन है. यात्रा के अनेक सोपान आप और आपकी सुयोग्य टीम चढ चुकी, पर संघर्ष व तपस्या की यात्रा अभी बहुत शेष है. शतषः हार्दिक शु कामनायें.

    Reply
  2. sushil

    गुरु जी लगे रहो .. हमें भी कभी कभी याद कर लिया करो .. ?

    सुशील गंगवार
    मीडिया दलाल.कॉम

    Reply
  3. sunil patel

    प्रवक्ता संपादक, प्रवक्ता टीम और प्रवक्ता के सभी सम्मानित लेखको को बधाई.

    Reply
  4. Naresh Bharatiya

    नरेश भारतीय
    लेखक, पत्रकार एवं रेडियो प्रसारक

    Reply
  5. रमेश प्रताप सिंह

    bhai ko hardik badhai, yah aapki mehanat aur lagan ka nateeja hai. yah
    hamari jeet hai sinha jee.dhanyawaad

    Reply
  6. Vibhash Kumar Jha

    प्रिय मित्र संजीव जी
    बहुत बहुत बढाई आपको और आपके पूरे परिवार को
    वाकई इस वेब साईट ने बहुत बड़ा काम किया है
    ऐसे ही आगे बढ़ते रहिये
    विभाष

    Reply
  7. सुमित कर्ण

    सुमित कर्ण

    प्रवक्ता की टीम को हार्दिक बधाई.

    Reply
  8. डॉ. राजेश कपूर

    dr.rajesh kapoor

    बात केवल संख्या के आधार पर मूल्यांकन की नहीं है. एक जनोक्ति के इलावा अधिकाँश ई.पत्रिकाओं द्वारा भारत की मुख्य राष्ट्रीय धरा को बल नहीं मिल रहा, उलटे भारत की जड़ें खोदासने का काम करने वाली मीडिया जुन्दाली हर स्थान पर सक्रीय नज़र आती है जिसे विदेशी धन व साधनों की कोई कमी नहीं. प्रवक्ता की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि यहाँ राष्ट्रीय मुद्दों को विदेशी नहीं, भारतीय दृष्टि से भी देखने समझने के इमानदार (प्रायोजित नहीं) प्रयास होते हैं. देश की मिटटी से जुड़े होने के कारण विदेशी धन भी इसे उपलब्ध नहीं. फिर भी प्रवक्ता जिन उंचाईयों को छू रहा है, उसके कारण आंकड़ों में नज़र आने वाले मूल्यांकन से इसका स्थान कहीं अधिक उंचा है.
    # अनेक ऊँचे, श्रेष्ठ देशभक्त विचारक व लेखक इससे
    जुड़ने व इनकी टीम के अथक प्रयासों को इसका श्रेय निस्संदेह है. विकट परिस्थितियों भी अविचलित होकर डेट रहने के लिए इस टीम का अभिनन्दन.#
    भावी भारत के निर्माण में पत्रिकाओं की भूमिका बहुत महत्व की होनी है, इसे वे सब जानते-समझते हैं जो स्वतन्त्रता पूर्व के संघर्ष के इतिहास से परिचित हैं.

    Reply
  9. निर्मल कुमार

    प्रवक्ता को बधाई | मुझे दो साईट बहुत पसंद है और प्रभावी पाठ्य सामग्री मिलती है : जनोक्ति और प्रवक्ता | कभी-कभी तो लगता है कि दोनों एक ही आदमी चलते हैं | राष्ट्रवादी विचारों के इन पोर्टल्स ने वामपंथियों को टक्कर दी है |

    Reply
  10. डॉ. मधुसूदन

    मधुसूदन उवाच

    चेतावनी।
    संजीव जी, कुछ अनुभव के आधार पर कहता हूं। (१)अब प्रवक्ता को खरिदने की कोशिश होगी। लेखकों को “एन जी ओ” संस्थाएं और पता नहीं “कौन” पर खरिदते ज़रूर है।
    (२) इसके पहले आपको फीलर भेजा जाता है, जो सीधी बात ना करके देखना चाहेगा, कि आपका साईट बिकाऊ है, या नहीं?कभी, कोई परिचित व्यक्ति भी होता है।
    (३) शायद ऐसा पहले ही हो चुका होगा।
    (४) आपको किसी पार्क में भी मिलने कहेगा, टेपिन्ग नहीं हो रहा है, इसकी कसौटी भी कर लेते हैं।
    फिरसे आपकी टिम की सेवा के लिए सभीको अभिनंदन।

    Reply
  11. Satyarthi

    मैंने अपनी प्रतिक्रिया ईमेल द्वारा सम्पादकजी को भेज दी थी वही यहाँ दोहरा रहा हूँ

    “माननीय सम्पादकजी
    प्रवक्ता.कोम की इस विशिष्ट उपलब्धि पर आपको तथा आपके सभी सहयोगिओं को बधाई. पिछले कुछ थोड़े से समय में ही प्रवक्ता ने श्रेष्ठ स्तर प्राप्त कर लिया है और हम पाठकों को कुछ अति उत्तम लेख पढने का अवसर मिल रहा है. आशा है पत्रिका दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति करती रहेगी
    शुभेच्छु
    सत्यार्थी “

    Reply
  12. Govind Maru

    इस उपलब्धि के लिए आपको और आपके समूह को बधाई एवं शुभकामनायें ! यात्रा जारी रहे !!

    Reply
  13. जगत मोहन

    जगत मोहन

    संजीव जी

    बधाई आपको और आपके समूह को

    आपका
    जगत मोहन

    Reply
  14. रत्‍नेश त्रिपाठी

    रत्‍नेश त्रिपाठी

    आदरणीय संजीव जी,
    इस उपलब्धि के लिए आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

    Reply
  15. नीरज कुमार दुबे

    नीरज कुमार दुबे

    भाईसाहब नमस्‍कार, इस सफलता पर आपको बहुत-बहुत बधाई हो। निश्चित रूप से प्रवक्‍ता पर प्रकाशित सामग्री पाठकों का तो भला कर रही रही है, साथ ही इंटरनेट पर हिंदी में उपलब्‍ध विचार-कोश को भी समृद्ध कर रही है। इस सफलता के लिए आपने कड़ी मेहनत की है, जो हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। मैं आप सहित पूरे प्रवक्‍ता परिवार की उत्तरोत्तर प्रगति की कामना करता हूं।

    ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ,
    नीरज कुमार दूबे

    Reply
  16. विपिन किशोर सिन्हा

    Bipin Kishore Sinha

    Congrats! Wish u more success. Go ahead. Noble cause gets self generated support.

    Reply
  17. राजेन्‍द्र कश्‍यप

    श्री संजीव सिन्‍हा, यह सच है कि प्रवक्‍ता डॉट कॉम वास्‍तव में सिरमौर बन गया है।

    Reply
  18. गंगानन्द झा

    गंगानन्‍द झा

    धन्यवाद। यात्रा जारी रहे।

    Reply
  19. पंकज कुमार साव

    बधाई एवं शुभकामनायें
    पंकज कुमार साव, नव भारत, बिलासपुर

    Reply
  20. राजकुमार साहू

    राजकुमार साहू

    aapko ashesh badhaai. sanjeev ji.
    aise hi pragati path par aap aur aapki vebsite aage badhti rahe.
    ek baar phir aapko unnati ke utkarsh ko prapt karne ki shubhkamnaayen…

    Reply
  21. सुजीत द्विवेदी

    ये आपकी मेहनत और निरंतर प्रयासों का परिणाम है , इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं. मेरी शुभकामनायें

    Reply
  22. संजय जोशी, पूर्व राष्‍ट्रीय महामंत्री, भाजपा

    संजीव को बधाई।

    Reply
  23. सत्‍यार्थी

    माननीय सम्पादकजी
    प्रवक्ता.कोम की इस विशिष्ट उपलब्धि आपको तथा आपके सभी सहयोगिओं को बधाई. पिछले कुछ थोड़े से समय में ही प्रवक्ता ने श्रेष्ठ स्तर प्राप्त कर लिया है और हम पाठकों को कुछ अति उत्तम लेख पढने का अवसर मिल रहा है. आशा है पत्रिका दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति करती रहेगी
    शुभेच्छु
    सत्यार्थी

    Reply
  24. लालबहादुर ओझा

    बधाई

    Lalbahadur Ojha
    Assistant Professor
    Dept. of Journalism
    MCNUJC
    B-38, Vikas Bhavan
    MPnagar Zone-I
    Bhopal. MP
    Ph. 9981710783
    sangwari.blogspot.com

    Reply
  25. रामेन्द्र मिश्रा

    रामेन्‍द्र मिश्रा

    बधाई हो !!!

    RAMENDRA MISHRA
    Editor
    (WWW.LOKMANCH.COM)

    Reply
  26. सुरेश चिपलूनकर

    सुरेश चिपलूनकर

    बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं…
    ऐसे ही ऊंचाई की ओर अग्रसर रहें…

    Reply
  27. संगीता पुरी

    पूरी टीम को बहुत बधाई और शुभकामनाएं ….

    Reply
  28. S R Harnot

    प्रि‍य भाई संजीव जी

    प्रवक्‍ता की सफलता में आप के साथ आपकी पूरी प्रवक्‍ता टीम का योगदान है जि‍सके लि‍ए आप सभी बधाई के पात्र हैं। आपने अन्‍य वि‍धाओं के साथ साहि‍त्‍य और कला संस्‍क़ति‍ के लि‍ए उपयुक्‍त स्‍थान देकर हम सभी का सम्‍मान कि‍या है जि‍सके लि‍ए हम लेखक प्रवक्‍ता के आभारी हैं। प्रवक्‍ता और भी आगे बढे और लोकप्रि‍य हों यही कामना है।

    आपका

    एस आर हरनोट
    शि‍मला हि‍माचल

    Reply
  29. RAM NARAYAN SUTHAR

    बधाई
    आगे भी यह विकास की स्वर्णिम उचाइयो की और बढती रहे

    Reply
  30. -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

    श्री संजीव के तेत्रत्व में प्रवक्ता टीम को बधाई और आगे की तीव्र प्रगति शुभकामनाएँ!

    यदि ऐसे ही गति और प्रगति जारी रही तो भ्रष्ट और पथभ्रष प्रिंट तथा इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए प्रवक्ता चुनौती पेश कर सकेगा!

    लेखक और पाठक आपकी इस उपलब्धि में बराबर के हिस्सेदार हैं, लेकिन असली दबाव तो संपादक को ही झेलने पड़ते हैं!
    श्री संजीव सिन्हा जी इस कार्य को कुछेक मामलों और अवसरों को छोड़कर बेहतर अंजाम दे रहे हैं! फिर से बधाई!

    शुभाकांक्षी
    डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’

    Reply
  31. डॉ. मधुसूदन

    मधुसूदन उवाच

    संपादक का उत्तरदायित्व कठिन होता है। आपने कुशलता से इस उत्तरदायित्व का निर्वाह किया है, यह पारदर्शी सत्त्य है।
    फिर अनेक मत मतांतरों को और विचारधाराओं के लेखकों को उचित स्थान और मान देते हुए, प्रवक्ता को इस शिखरपर पहुंचाया है, यह स्वयं स्पष्ट है।ऐसी सहिष्णुता ही, सनातन भारतीय परम्परा है। । सम्पादक के काम में केवल कठिनता की ही नहीं, कुशलता की भी अपेक्षा होती है। ऐसे ही यश के शिखर लांघते रहे।
    तीन वर्ष से भी अल्प कालमें प्राप्त यह यश आपके खुले और नैतिक व्यवहार का भी निदर्शक है।
    इसी भांति आगे बढते रहें।
    हृदय तलसे सारे सहयोगियों का भी अभिनन्दन।

    Reply
  32. अब्दुल रशीद

    यूँ तो प्रवक्ता कि कामयाबी का श्रेय पुरी टीम को जाता है और पुरी टीम को बधाई देता हूँ. हाँ संजीव जी को मै इस बात के लिए विशेष रुप से बधाई देना चाहुँगा के यह सब उनके कुशल नेतृत्व का हि परिणाम है के उन्होँ ने ना केवल टीम का ताल मेल बनाए रखा बल्कि लेखक और पाठक को जुडे रहना का माहौल भी कायम रखा. हमारी दुआ है प्रवक्ता कामयाबी कि उच्च शिखर को प्राप्त करेँ.
    आपका
    अब्दुल रशीद
    सिंगरौली मध्य प्रदेश

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *