शब्दों में छिपा हमारा सांस्कृतिक इतिहास

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डॉ. मधुसूदन (एक) शब्दों में इतिहास की खोज: सोचा न था, ऐसा छिपा हुआ सांस्कृतिक इतिहास इन शब्दों के पीछे होगा. जिसे पाकर मैं स्वयं हर्षित ही नहीं चकित भी हूँ; और धन्यता अनुभव कर रहा हूँ. इतिहास उजागर करने के लिए जैसे भूमि का खनन कर अवशेष ढूँढे जाते हैं. और उन अवशेषों के… Read more »

हिन्द-प्रंशात क्षेत्र में भारत की भूमिका

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दुलीचन्द रमन समय बदलता है तो परिवर्तन हर जगह दिखाई देता है। अंतराष्ट्रीय संबंध भी इससे अछूते नही है। कभी विश्व स्तर पर अमेरिका और सोवियत संघ के रूप में शक्ति के दो केन्द्र थे। बाकी के देशों ने अपनी सुविधानुसार अपने-अपने पाले चुन लिये थे। संघर्ष का केन्द्र भी अमूमन यूरोप ही था। नाटो… Read more »

मानव निर्मित है रामसेतु

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संदर्भः अमेरिकी वैज्ञानिकों एवं पुरावेत्ताओं ने रामसेतु सेतु को मानव निर्मित माना प्रमोद भार्गव   दुनिया भर के वैज्ञानिक और पुरावेत्ता अब यह मानने को मजबूर हो रहे है कि भारत और श्रीलंका के बीच स्थिित रामसेतु अर्थात ‘एडम्स ब्रिज‘ मानव निर्मित है। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रामेश्वरम के निकट स्थित पमबन और श्रीलंका के मन्नार… Read more »

चाबहार बंदरगाह एक बड़ी उपलब्धि

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प्रमोद भार्गव पाकिस्तान और चीन की सभी कूटनीतियों को दरकिनार करते हुए भारत ईरान के रास्ते पहुंचने वाले वैकल्पिक मार्ग, अर्थात चाबहार बंदरगाह को शुरू कराने में सफल हो गया है। भारत सरकार दो लाख करोड़ के पूंजी निवेश से इस बंदरगाह पर पांच गोदियों का निर्माण कर रहा है, इनमें से दो बनकर तैयार… Read more »

भाषा रूढ कैसे की जाए?

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डॉ. मधुसूदन प्रवेश: प्रश्न उठाया जाता है, कि, हिन्दी की श्रेष्ठता और उपयोगिता प्रमाणित होने पर भी भारत की जनता और संचार माध्यम  हिन्दी  क्यों अपनाते नहीं ? कुछ मित्रों को लगता है; कानून बनानेसे हिन्दी प्रस्थापित हो जाएगी. आज, ऐसे  कुछ पहलुओं के उत्तर खोजने का प्रयास करते हैं. विषय प्रश्नोत्तर मालिका द्वारा प्रस्तुत… Read more »

क्या कश्मीर में  बकरा पार्टी की लडाई अपने अंतिम दौर में पहुँच गई है ?

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कश्मीर घाटी के मुसलमानों की जनसंख्या भी ,मौलाना के शब्दों का ही सहारा लेना हो तो , 95 प्रतिशत हिन्दुओं की औलाद है और पाँच प्रतिशत उन मुसलमानों की ,जिनके पूर्वज कश्मीर को जीतने आए थे और उसे जीत कर यहीं बस गए । जीत कर यहीं बसने वाले अपनी पहचान छिपाते भी नहीं । वे गौरव से उसका प्रदर्शन करते हैं ।

साम्यवादी गढ़ों में योग का उत्सव

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इस बार पूंजीवादी देश अमेरिका के नेशनल माॅल में हजारों लोग योग दिवस मनाएंगे। अमेरिका में ही नहीं दुनिया योग आंदोलन, तमाम राजनीतिक और आर्थिक आंदोलनों को पीछे छोड़ता जा रहा है।  योग शब्द अपने भावार्थ में आज अपनी सार्थकता पूरी दुनिया में सिद्ध कर रहा है। योग का अर्थ है जोड़ना। वह चाहे किसी भी धर्म जाति अथवा संप्रदाय के लोग हों, योग का प्रयोग सभी को शारीरिक रूप से स्वास्थ्य और मानसिक रूप से सकारात्मक सोच विकसित करता है।

सावरकर

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कांग्रेस के नेतृत्व की इन भूलों पर सावरकर बहुत खिन्न थे। वह ये नही समझा पा रहे थे कि जब चीन जैसे देश अणुबम बनाने की बात कर रहे हैं, तो उस समय भारत ‘अणुबम नही बनाएंगे’ की रट क्यों लगा रहा है? क्या इस विशाल देश को अपनी सुरक्षा की कोई आवश्यकता नही है? वह नही चाहते थे कि इतने बड़े देश की सीमाओं को और इसके महान नागरिकों को रामभरोसे छोड़कर चला जाए। इसलिए उन्होंने ऐसे नेताओं को और उनकी नीतियों को लताड़ा जो देश के भविष्य की चिंता छोड़ ख्याली पुलाव पका रहे थे।

भारत मुसलमानों के लिए स्वर्ग क्यों है ?

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विश्व की कुल जनसंख्या में प्रत्येक चार में से एक मुसलमान है। मुसलमानों की 60 प्रतिशत जनसंख्या एशिया में रहती है तथा विश्व की कुल मुस्लिम जनसंख्या का एक तिहाई भाग अविभाजित भारत यानी भारत, पाकिस्तान और बंगलादेश में रहता है। विश्व में 75 देशों ने स्वयं को इस्लामी देश घोषित कर रखा है। पर, विश्व… Read more »

कांग्रेस रानी की दुर्दशा पर दासी वामपंथियों का विधवा-विलाप

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मनोज ज्वाला १४ अगस्त सन १९४७ की आधी रात को दिल्ली में हुआ सत्ता-हस्तान्तण वास्तव में ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतिनिधि लार्ड माउण्ट बैटन और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू के बीच हुई एक दुरभिसंधि का परिणाम एवं एक सियासी साजिस का क्रियान्वयन था । भारत पर अंग्रेजों की सत्ता को कायम… Read more »