लेख मजदूर नहीं, मजबूर होना बुरा April 28, 2026 / April 28, 2026 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment एक प्रश्न हम सबके मन में अक्सर उठता है कि जब मजदूर ही विकास की धुरी है, संस्कृति सभ्यता का केंद्र बिंदु है तो फिर अंतर क्यों है? कहीं दरिद्रता का अखण्ड साम्राज्य है, दूसरी तरफ संपन्नता का हिमालय क्यों? कहीं ऐसा तो नहीं की संपन्नता भी मानसिक दुःखों से विमर्दित है। मशीनें बनाईं तो गयी थीं Read more » अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस