एक हज़ार के नोट अर्थ व्यवस्था से बाहर

काला धन अपनी सत्ता खो बैठा

सरकार के इस क़दम से घबराहट तो पाकिस्तान की आई एस आई में है , पाकिस्तान के उन तस्करों में है जो नेपाल और बंगलादेश के रास्ते तस्करी में अरसे से संलग्न थे । नोटों के बन्द होने से इन की कमर टूट गई है । सीमा के उस पार भी घबराहट है और जो आतंकी अन्दर घुस चुके हैं , उनके भी हाथ पाँव फूले हुए हैं । काग़ज़ के जिन नोटों की झलक दिखा कर वे घाटी के लोगों को सड़कों पर नाच नचवाते थे उन नोटों की ताक़त अब समाप्त हो गई है । कश्मीर घाटी के आतंकी संगठनों की हालत पंचतंत्र के उस चूहे के समान हो गई है , जिस के बिल के नीचे से स्वर्ण मुद्राओं से भरा घड़ा निकाल लिया गया है और अब वह लाख ज़ोर लगाने पर भी दूर खूँटी पर लटके सत्तू के थैले तक नहीं पहुँच पा रहा है ।