लेखक परिचय

डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री

डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री

यायावर प्रकृति के डॉ. अग्निहोत्री अनेक देशों की यात्रा कर चुके हैं। उनकी लगभग 15 पुस्‍तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। पेशे से शिक्षक, कर्म से समाजसेवी और उपक्रम से पत्रकार अग्निहोत्रीजी हिमाचल प्रदेश विश्‍वविद्यालय में निदेशक भी रहे। आपातकाल में जेल में रहे। भारत-तिब्‍बत सहयोग मंच के राष्‍ट्रीय संयोजक के नाते तिब्‍बत समस्‍या का गंभीर अध्‍ययन। कुछ समय तक हिंदी दैनिक जनसत्‍ता से भी जुडे रहे। संप्रति देश की प्रसिद्ध संवाद समिति हिंदुस्‍थान समाचार से जुडे हुए हैं।

दलित समाज के शोषण का हथियार अनुच्छेद 35 ए

Posted On & filed under राजनीति.

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जम्मू कश्मीर के संविधान में धारा छह वहाँ के स्थाई निवासी को पारिभाषित करती है । भारत का वही नागरिक वहाँ का स्थाई निवासी बन सकता है जो या तो 1954 में वहाँ का स्थाई निवासी हो या फिर उसके पूर्वज 1944 से वहाँ रह रहेलहैं और उनके पास राज्य में… Read more »

 हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेताओं की गिरफ्तारी

Posted On & filed under राजनीति.

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री कश्मीर घाटी में पिछले लम्बे अरसे से पाकिस्तान ने छद्म युद्ध छेड़ रखा है । ज़ाहिर है इस युद्ध के लिए परम्परागत तरीक़ों और हथियारों का तो इस्तेमाल नहीं हो सकता । इसे कुछ विशेषज्ञ हज़ार घाव देने वाला युद्ध भी कहते हैं । यानि शत्रु के शरीर पर एक एक… Read more »



क्या कश्मीर में  बकरा पार्टी की लडाई अपने अंतिम दौर में पहुँच गई है ?

Posted On & filed under महत्वपूर्ण लेख, विविधा.

कश्मीर घाटी के मुसलमानों की जनसंख्या भी ,मौलाना के शब्दों का ही सहारा लेना हो तो , 95 प्रतिशत हिन्दुओं की औलाद है और पाँच प्रतिशत उन मुसलमानों की ,जिनके पूर्वज कश्मीर को जीतने आए थे और उसे जीत कर यहीं बस गए । जीत कर यहीं बसने वाले अपनी पहचान छिपाते भी नहीं । वे गौरव से उसका प्रदर्शन करते हैं ।

कश्मीर घाटी में अलगाववादियों के समर्थक

Posted On & filed under विविधा.

लेकिन इन तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी न तो आम कश्मीरी ने और न ही सुरक्षा बलों ने हिम्मत हारी । इस लिए अब चौथी पार्टी मैदान में उतरी है । यह पार्टी सोनिया कांग्रेस की है , जिसके 550 की लोक सभा में फ़क़त 44 सदस्य हैं । इस चौथी पार्टी ने बिना लाग लपेट के सीधा सीधा हमला बोला । यह पार्टी जानती है कि यदि अब भी हमला न बोला गया तो घाटी में आम कश्मीरी और सुरक्षा बलों की स्थिति मज़बूत हो जाएगी । यदि ऐसा हो गया तो कांग्रेस के पास मोदी सरकार पर आक्रमण करने के लिए क्या बचेगा ?

जीप के बोनट पर फारुक अहमद धर और बचाव में उतरे उमर अब्दुल्ला –

Posted On & filed under राजनीति.

उमर अब्दुल्ला और उनकी मानवाधिकार ब्रिगेड यह तो चिल्ला रही है कि मेजर गोगोई को , फारुख अहमद धर को जीप के बोनट पर नहीं बिठाना चाहिए था लेकिन यह नहीं बताती कि उस हालत में उसे इसके स्थान पर क्या करना चाहिए था ? स्थल सेनाध्यक्ष जनरल रावत ने बिल्कुल सही प्रश्न उठाया है कि यदि सीमा पर शत्रुओं के मन में और देश के भीतर देश के खिलाफ बन्दूक़ उठा लेने वालों के मन में सेना का भय नहीं रहेगा तो देश का भविष्य ख़तरे में पड़ जाएगा ।

अरविन्द केजरीवाल जैसा मुख्यमंत्री पालना कितना मुश्किल है

Posted On & filed under राजनीति.

जेठामलानी की नज़र में मुक़द्दमा लेते समय तो केजरीवाल अमीर थे और फ़ीस देते समय अचानक ग़रीब हो गए हैं । इसलिए अब वे उनका मुक़द्दमा मुफ़्त लड़ेंगे । जेठामलानी की पारखी नज़र को मानना पड़ेगा । सारे देश में उन्होंने मुफ़्त मुक़द्दमा लड़ने के लिए मुवक्किल भी ढूँढा तो वह अरविन्द केजरीवाल मिला । यानि जो पौने चार करोड़ वक़ील को न अदा कर सके वह बीपीएल की श्रेणी में आता है । बिलो पावर्टी लाईन ।

कश्मीर के चुनाव में अब्दुल्ला परिवार की रणनीति

Posted On & filed under राजनीति.

सत्ता छिन जाने के बाद अब्दुल्ला परिवार के पास एक ही रास्ता बचा था । वह जनता का विश्वास जीतने के लिए पुनः घाटी की जनता के पास जाता । लेकिन उसने जनता के पास जाने का लम्बा और कष्टसाध्य रास्ता चुनने की बजाए सरल और शॉर्टकट रास्ता ही चुनना ही बेहतर समझा । वह हुर्रियत कान्फ्रेंस की गोद में जाकर बैठ गया । हुर्रियत कान्फ्रेंस का मानना है कि आतंकवादी कश्मीर में आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे हैं । जल्द ही कश्मीर आज़ाद हो जाएगा । हुर्रियत कान्फ्रेंस के लोगों में थोड़ी बहुत नोंकझोंक इस बात को लेकर होती रहती है कि लड़ाई जीत लेने के बाद कश्मीर आज़ाद रहेगा या पाकिस्तान में शामिल हो जाएगा । सैयद अली शाह गिलानी की गोद में बैठे फारुक अब्दुल्ला ।

पंजाब ने डुबो दी केजरीवाल की भविष्य की राजनीति

Posted On & filed under राजनीति.

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पंजाब में इस बार कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की कांग्रेस ने अपना परचम फहरा जिया है । पंजाब विधान सभा की कुल सीटें ११७ हैं । ये ११७ सीटें पंजाब के तीन भौगोलिक खंडों में विभक्त हैं । मालवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा ६९ सीटें आती हैं । उसके बाद दोआबा में… Read more »

मणिपुर में शुरु की भाजपा ने पहली पारी

Posted On & filed under राजनीति.

ऐसा नहीं कि कांग्रेस अपनी सत्ता पर आया संकट देख कर भी चुपचाप देखती रही । पन्द्रह साल से मणिपुर में कांग्रेस की सरकार चला रहे इबोबी सिंह ने अन्ततः वही पत्ता चला जिसके बलबूते कांग्रेस लम्बे अरसे से पूर्वोत्तर में अपना शासन चलाती रही है । उसने राज्य के नौ जिलों को तोड़ कर उनके सोलह ज़िले बना दिए । मणिपुर के नौ जिलों में से चार ज़िले तो घाटी में हैं और पाँच ज़िले पहाड़ में हैं ।

जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के छिपे समर्थक

Posted On & filed under महत्वपूर्ण लेख, विविधा.

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जम्मू कश्मीर तीन दशकों से भी ज़्यादा समय से आतंकवादियों की चपेट में है । यह आतंकवाद पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित है , इसमें भी कोई संशय नहीं है । सुरक्षाबलों पर हमला करने के लिए आतंकवादी अपनी रणनीति बनाते हैं ताकि वे उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा नुक़सान पहुँचा सकें । इस… Read more »