कहो कौन्तेय-४१

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विपिन किशोर सिन्हा (महाभारत पर आधारित उपन्यास-अंश) (कर्ण का महादान) कर्ण की इस उपलब्धि पर देवराज इन्द्र का चिन्तित होना स्वाभाविक था। पांच वर्षों तक स्वर्ग में हम दोनों साथ-साथ रहे थे। वे मेरे पिता थे। उनका वात्सल्य प्रबल से प्रबलतर होता जा रहा था। वे वन में भी आकर कभी-कभी हमलोगों की सुधि लेते… Read more »