कांग्रेस की राजनीति

एकता मंचन में भी ‘एकल प्रस्तुति’

अत: कांग्रेस को वह शांति से खामोशी से देख रही है। वह देख रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एकता सम्मेलन में भी कटाक्ष करने से बाज नहीं आए। यही नहीं मंच पर बैठे सभी को अगला मुख्यमंत्री बताकर और खुद को रेस से बाहर कर वे इस आंतरिक संघर्ष को और हवा दे गए। लिखना प्रासंगिक होगा कि मध्यप्रदेश के चुनाव के संदर्भ में दिग्विजय सिंह महत्वपूर्ण कारक फिर होने वाले हैं। जनता की निगाह में वे पहले से ही खारिज हैं। कांग्रेस भी उनसे कहीं-कहीं किनारा करती है पर यह भी एक सच है कि उनके बगैर कांग्रेस का पार लगना भी मुश्किल है।