‘चिराग का रोजगार’

‘चिराग का रोजगार’ एक सार्थक पहल

हाल ही में दिल्ली एक बडे़ समारोह में चिराग पासवान ने अपनी इस बहुआयामी एवं मूच्र्छित होती युवा चेतना में नये प्राण का संचार करने वाली योजना को लोकार्पित किया। रोजगार के लिये सरकार पर निर्भरता को कम करने के लिये उन्होंने बड़े आर्थिक-व्यापारिक घरानों एवं बेरोजगार युवकों के बीच सेतु का काम करने की ठानी है। वोट की राजनीति और सही रूप में सामाजिक उत्थान की नीति, दोनों विपरीत ध्रुव है। लेकिन चिराग ने इन विपरीत स्थितियों में सामंजस्य स्थापित करके भरोसा और विश्वास का वातावरण निर्मित किया है।