लेख पसीने से खड़ी सभ्यता: संघर्ष और भविष्य का रास्ता April 27, 2026 / April 27, 2026 by शम्भू शरण सत्यार्थी | Leave a Comment हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर वे लोग थे जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए रोज जोखिम उठाकर काम करते हैं. उनके लिए कार्यस्थल केवल रोजी-रोटी का साधन नहीं, बल्कि उम्मीदों का केंद्र होता है. ऐसे में सुरक्षा में चूक केवल एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक विफलता भी है. Read more » मजदूर दिवस