मुरारी बापू का जादू

मुरारी बापू का जादू मुसलमानों के सिर चढ़ा

मोरारी बापू का जीवन संयम, सादगी, त्याग और समर्पण का विलक्षण उदाहरण है। उनका दिखावा और प्रदर्शन में विश्वास नहीं है। कथा करते समय वे केवल एक समय भोजन करते हैं। उन्हें गन्ने का रस और बाजरे की रोटी काफी पसंद है। वे वसुधैव कुटुम्बकम एवं सर्वधर्म समन्वय के प्रेरक है। आप समस्त धर्मों, परम्परपराओं एवं संस्कृति के समन्वय को महत्व देते हैं।