‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2016

बहुत जरूरी हैं शिक्षा में बदलाव

हमें सफलता, मूल्यांकन एवं आकलन के वर्तमान आधारों पर पुनर्विचार करना होगा। हमारे मूल्यांकन की इससे बड़ी विसंगति और क्या हो सकती है कि जिन्होंने कभी गाॅव नहीं देखा, जो कभी गाॅव में नहीं रहे, वे ‘ग्रामीण विकास‘ एवं ‘गाॅव‘ के बारे में अधिकारपूर्वक लिख रहे हैं, एवं बड़ी-बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं।