विदेश-यात्रा

विदेश यात्रा से सर्जिकल स्ट्राइक तक

अब तो एक बात स्पष्ट हो गयी है, मोदी विरोध करना है, यह विरोध भले ही देशहित के बरखिलाफ ही क्यों ना हो। इस बात से कोई फर्क नहीं पडता कि मोदी सरकार अच्छा कर रही है या बुरा। देशहित में काम कर रही है या नहीं? गैर कांगे्रसवाद से शुरू हुयी सत्ता विरोध की राजनीति, धर्मनिरपेक्षता बनाम सांप्रदायिकता और बहुसंख्यकवाद बनाम अल्पसंख्यकवाद से होती हुई मोदी विरोध पर केंद्रित हो गई है।