व्हेन चाइनीज वेर गिवेन ऐ ब्लडी नोज

जब भारत ने चीनी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया 

इन दोनों चोटियों पर स्थित भारतीय सेना की आर्टिलरी ऑब्जरवेशन पोस्टों से चीनी क्षेत्र में बहुत गहरे तक भारतीय सेना निगाह रख सकती है जबकि जेलेला पास से चीन भारत पर बहुत काम नज़र रख सकता है! तो यहाँ भारतीय सेना लाभ की स्थिति में है! 
सितम्बर १९६७ में नाथुला पर दो ग्रेनेडियर्स कि टुकड़ी तैनात थी!यह बटालियन लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह के कमांड में थी! और माउंटेन कमांड के अधीन थी जिसकी कमान ब्रिगेडियर एमएमएस बक्शी के हाथ में थी!