अनिल गुप्ता

मैं मूल रूप से देहरादून का रहने वाला हूँ! और पिछले सैंतीस वर्षों से मेरठ मै रहता हूँ! उत्तर प्रदेश मै बिक्री कर अधिकारी के रूप मै १९७४ मै सेवा प्रारम्भ की थी और २०११ मै उत्तराखंड से अपर आयुक्त के पड से सेवा मुक्त हुआ हूँ! वर्तमान मे मेरठ मे रा.स्व.सं. के संपर्क विभाग का दायित्व हैऔर संघ की ही एक वेबसाइट www.samvaadbhartipost.com का सञ्चालन कर रहा हूँ!

जब भारत ने चीनी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया 

इन दोनों चोटियों पर स्थित भारतीय सेना की आर्टिलरी ऑब्जरवेशन पोस्टों से चीनी क्षेत्र में बहुत गहरे तक भारतीय सेना निगाह रख सकती है जबकि जेलेला पास से चीन भारत पर बहुत काम नज़र रख सकता है! तो यहाँ भारतीय सेना लाभ की स्थिति में है! 
सितम्बर १९६७ में नाथुला पर दो ग्रेनेडियर्स कि टुकड़ी तैनात थी!यह बटालियन लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह के कमांड में थी! और माउंटेन कमांड के अधीन थी जिसकी कमान ब्रिगेडियर एमएमएस बक्शी के हाथ में थी!

कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत

भारत के लोग नयी चीजों को देर से अपनाते हैं लेकिन जब अपनाते हैं तो फिर पीछे नहीं देखते! आज देश में लगभग १०५ करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन हैं! और हर व्यक्ति धड़ल्ले से उसका प्रयोग कर रहा है! अगर पूरे जोरशोर से प्रयास किया जाये तो निश्चय ही लोग कॅश के स्थान पर कार्ड व्यवस्था को रोजमर्रा की जिंदगी का भाग बना लेंगे और एक बार जब उन्हें इसकी सुविधा की आदत पड जाएगी तो फिर देखते ही देखते भारत भी इस क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में दिखाई देगा!