व्‍यंग

व्‍यंग/मुआ समय के फेर

इधर कम्बख्त चुनाव का दौर खत्म हुआ, उधर मेरे शहर में जूतों की दुकानों को ताले लगने की नौबत आ धमकी। कल तक जिन जूतों की दुकानों पर जूते खरीदने के लिए रेलमपेल हुई रहती थी…

तीर ए नजर/ जा बेटा, कुर्सी तोड़!!

इस स्कूल मास्टरी की वजह से कई बार घरवाली से जूते खा चुका हूं। बच्चे मुझे अपना बाप समझने में शरम समझते हैं। और वह अपनी बगल वाला माल मकहमे का चपड़ासी! उसके बच्चे भरे मुंह उसे बाप!बाप! कहते मुंह का थूक सुखाए रहते हैं। इधर-उधर के बच्चे भी जब उसे बाप-बाप कहते उसके पीछे दौड़ते हैं तो उसकी पत्नी का सीना फुट भर फुदकता है।