हिन्दू संघटन : गांधीजी, स्वामी श्रद्घानंद और स्वातंत्र्य वीर सावरकर

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राकेश कुमार आर्य सफल वक्ता वही होता है जो श्रोताओं को अपनी बात से सहमत और संतुष्ट तो कर ही ले साथ ही उसकी भाषण कला ऐसी हो जिससे लोग वही कुछ करने के लिए प्रेरित और आंदोलित भी हो उठें जिसे वह वक्ता उनसे कराना चाहता है। भाषण के अंत में यदि नेता कहे… Read more »