राकेश कुमार आर्य

उगता भारत’ साप्ताहिक / दैनिक समाचारपत्र के संपादक; बी.ए. ,एलएल.बी. तक की शिक्षा, पेशे से अधिवक्ता। राकेश आर्य जी कई वर्षों से देश के विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। अब तक चालीस से अधिक पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। वर्तमान में ' 'राष्ट्रीय प्रेस महासंघ ' के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं । उत्कृष्ट लेखन के लिए राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह जी सहित कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं । सामाजिक रूप से सक्रिय राकेश जी अखिल भारत हिन्दू महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति के राष्ट्रीय सलाहकार भी हैं। ग्रेटर नोएडा , जनपद गौतमबुध नगर दादरी, उ.प्र. के निवासी हैं।

मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना : मजहब और क्रूसेड युद्ध अर्थात धार्मिक युद्ध

क्रूसेड युद्ध अर्थात धार्मिक युद्ध मजहब के नाम पर ईसाइयों, यहूदियों और मुसलमानों के बीच…

मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना : अकबर का ‘फतहनामा’ : जो बताता है हिंदुओं के प्रति उसकी क्रूर नीति को

अकबर का ‘फतहनामा’ मध्यकालीन इतिहास में जब मुगल और उनसे पहले तुर्क भारतवर्ष में अपने…

मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना : क्या होते हैं सांप्रदायिक दंगे ?

क्या होते हैं साम्प्रदायिक दंगे ? वास्तव में दंगे किसी सम्प्रदाय विशेष की साम्प्रदायिक सोच…

योगी जी ! यति नरसिंहानंद का सर कलम करने की धमकी देने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए

गाजियाबाद के डासना की शक्तिपीठ के महंत यति नरसिंहानंद इस समय अपनी स्पष्टवादिता और साहस…