ह्रदय की प्रकृति का संरक्षण ही योग

Posted On by & filed under विविधा

(‘‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’’ 21 जून 2016 पर विशेष) योग भारतीय प्राचीन संस्कृति की परम्पराओं को समाहित करता है। भारत देश में योग का प्राचीन समय से ही अहम स्थान है। पतंजली योग दर्शन में कहा गया है कि- योगश्चित्तवृत्त निरोधः अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो… Read more »