समाज यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म May 25, 2026 / May 25, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment वास्तव में यह अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि जिस मां ने नौ महीने गर्भ में रखकर संतान को जीवन दिया, जिसने अपना रक्त, ममता और त्याग देकर उसे पाला, उसी मां को अपने ही घर में रहने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़े। Read more » courts explain the religion of relationhips? in which the courts explain the religion of relationships What kind of society is this अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म