समाज कब तक दोहराई जाती रहेंगी निर्भया जैसी त्रासदियां? May 15, 2026 / May 15, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment आधुनिकता के चमकदार दावों के बीच भी पुरुष प्रधान सोच का अंधेरा जस का तस मौजूद है। महिलाओं को व्यक्ति नहीं, बल्कि उपभोग की वस्तु मानने वाली सोच आज भी अनेक मन-मस्तिष्कों में गहराई तक बैठी हुई है। यही कारण है कि सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों, स्कूल-कॉलेजों और यहां तक कि घरों के भीतर भी महिलाएं असुरक्षा का अनुभव करती हैं। Read more » How long will tragedies like Nirbhaya continue to be repeated tragedies like Nirbhaya continue निर्भया जैसी त्रासदियां