शास्त्रीय संगीत की महीयसी किशोरी अमोनकर नहीं रहीं

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यतीन्द्र मिश्र इस से बुरी ख़बर हो नहीं सकती…किशोरी ताई चली गयीं.. हम सबको अपने आशीष से वंचित करके.. असहनीय…समझ ही नहीं आ रहा कि क्या लिखें और किस तरह अपनी तकलीफ़ को साझा करें ? मेरे लिए संगीत में भक्ति का अछोर थीं वे…रागदारी के भव्य राज-प्रासाद की अकेली जीवित किंवदन्ती… गान -सरस्वती की… Read more »