क्या मै लिख सकूँगा : पेड़ की संवेदनाओं को

Posted On by & filed under कविता, साहित्‍य

सुशील कुमार शर्मा   कल एक पेड़ से मुलाकात हो गई। चलते चलते आँखों में कुछ बात हो गई। बोला पेड़ लिखते हो संवेदनाओं को। उकेरते हो रंग भरी भावनाओं को। क्या मेरी सूनी संवेदनाओं को छू सकोगे ? क्या मेरी कोरी भावनाओं को जी सकोगे ? मैंने कहा कोशिश करूँगा कि मैं तुम्हे पढ़… Read more »