कविता बहिर-बधिर March 5, 2026 / March 5, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment “सूर्यअपने तपते आदर्शों कानिरंतर प्रवचन करता है—आकाश के ऊँचे मंच से। काले बादलअपनी गरम चुप्पियों मेंबिजली की भाषा लिखते हैं,और बारिशधरती की जड़ों तकधीरे-धीरे उतरती है। पर एक मनुष्य है—जो केवल इन्हीं को सुनने के लिएअपने कान खुले रखता है,मानो संसार की बाकी आवाज़ेंउसके लिएमूक हो चुकी हों। समयरेत-घड़ी की छाया मेंउँगलियों से फिसलतीक्षणिक रेत […] Read more » deaf and dumb बहिर-बधिर