भ्रष्टाचार विरोध यानी मौत को दावत?

Posted On by & filed under विविधा

तनवीर जाफ़री हम भारतवासियों के दोहरे चरित्र को उजागर करने वाली यह कहावत पूरे देश में बेहद प्रचलित है कि-‘सौ में से नब्बे बेईमान फिर भी मेरा भारत महान? पूर्व जस्टिस मार्केंडय काटजू तो देश की उस न्याययिक व्यवस्था पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं जिसपर हमारा देश काफी हद तक भरोसा करता… Read more »