दीनदयाल उपाध्याय चिन्तन की प्रासंगिकता

Posted On by & filed under आर्थिकी

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री दीनदयाल उपाध्याय जी राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक थे। 1950 में जब भारतीय जनसंघ का गठन हुआ तो वे जनसंघ का कार्य देखने लगे। डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था यदि मुझे दीनदयाल उपाध्याय जैसे चार कार्यकर्ता मिल जाये तो मैं देश की राजनीति बदल सकता हूं। उपाध्याय जी जोड़ने… Read more »