चुनावी चाबुक की शिकार दिल्ली की 123 महत्त्वपूर्ण संपत्तियां

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-विनोद बंसल-  वोटों की बिसात आखिर क्या-क्या गुल खिलाती है, किसी से कुछ छुपा नहीं है। किन्तु, एक शताब्दी पूर्व सरकार द्वारा अधिगृहित सम्पत्तियों का भूस्वामी सरकार द्वारा स्वयं ही क्षणभर में बदल दिया जाएगा, कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। यूपीए नीति केन्द्र सरकार का मानना है कि सौ वर्षों से ज्यादा पुराना… Read more »