राजनीति वादों की वाणी, विश्वास का विध्वंस : घोषणा पत्र की राजनीति पर लोकतांत्रिक लगाम May 15, 2026 / May 15, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment आज आवश्यकता इस बात की है कि चुनावी घोषणा पत्रों को कानूनी और नैतिक जवाबदेही के दायरे में लाया जाए। यदि कोई राजनीतिक दल या उसका नेतृत्व अपने प्रमुख चुनावी वादों को बिना उचित कारण पूरा नहीं करता, तो उसके विरुद्ध कठोर राजनीतिक कार्रवाई होनी चाहिए। इस विषय पर यह विचार Read more » a Destruction of Trust: A Democratic Restraint on Manifesto Politics A Word of Promises Democratic Restraint on Manifesto Politics घोषणा पत्र की राजनीति