राजनीति

जेवर के पास आकार लेती देश की पहली आधुनिक जापान सिटी

जापान चला यू०पी० की ओर:

दुर्गेश्वर राय

  उत्तर प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा एक नए और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुँच चुकी है। देश की सबसे बड़ी आबादी वाला यह राज्य अब वैश्विक महाशक्तियों के हाई-टेक विनिर्माण का मुख्य केंद्र बनने जा रहा है। इसी दिशा में सबसे बड़ा और प्रभावी कदम है यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित होने वाली विशेष जापानी औद्योगिक टाउनशिप, जिसे सामान्य बोलचाल में जापान सिटी कहा जा रहा है। जापानी तकनीक, सटीकता, अनुशासन और उत्तर प्रदेश के विशाल संसाधन तथा अनुकूल नीतियों का यह संगम भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति देने के लिए तैयार है। यह परियोजना राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी।

  यह महत्वाकांक्षी परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर 5-ए और उसके आसपास के लगभग 500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जा रही है। इसकी सबसे बड़ी शक्ति इसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति है। यह सीधे तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के सबसे निकटवर्ती औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है। वैश्विक निवेशकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए किसी भी स्थान का चयन करते समय सबसे पहला मानक उसकी कनेक्टिविटी होती है। इस मामले में यह टाउनशिप विश्वस्तरीय मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से पूरी तरह आच्छादित है। यहाँ से जेवर एयरपोर्ट की दूरी मात्र कुछ मिनटों की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कार्गो और विदेशी प्रतिनिधियों का आवागमन सुगम रहेगा। सड़क मार्ग के लिहाज से यह यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक से सीधे जुड़ी है। रेल कनेक्टिविटी के लिए इसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशन से जोड़ने की रूपरेखा तय की गई है। इसके अतिरिक्त, जेवर से दिल्ली और अन्य एनसीआर क्षेत्रों के लिए रैपिड रेल और मेट्रो का विस्तार भी इस पूरे परिक्षेत्र को निर्बाध गतिशीलता प्रदान करेगा।

  जापान सिटी की सबसे अनूठी विशेषता इसकी बनावट है। यह पूरी तरह से आत्मनिर्भर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप होगी। जापानी कार्यसंस्कृति और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए इसे वॉक टू वर्क की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि यहाँ काम करने वाले जापानी नागरिकों, विशेषज्ञों, इंजीनियरों और भारतीय कामगारों के लिए कार्यस्थल के समीप ही आवास, उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय स्कूल, जापानी व्यंजनों वाले आधुनिक रेस्टोरेंट, अस्पताल, गोल्फ कोर्स, सांस्कृतिक केंद्र और मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। यहाँ जापानी भाषा सहायता केंद्र और कम्युनिटी क्लब भी बनाए जा रहे हैं ताकि वहाँ से आने वाले परिवारों को अपनी संस्कृति और परिवेश का सहज अहसास हो सके।

  इसके साथ ही, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस टाउनशिप में प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि विदेशी कंपनियों को जमीन लेकर बुनियादी ढांचा तैयार करने में वर्षों का समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। उन्हें पहले से तैयार शेड, चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली, उच्च दबाव वाली जलापूर्ति, उन्नत सीवेज ट्रीटमेंट, हाई-स्पीड 5-जी ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी और तैयार प्रशासनिक स्वीकृतियां मिलेंगी। कंपनी केवल अपनी मशीनरी लगाएगी और उत्पादन तुरंत शुरू कर सकेगी।

  इस हाई-टेक सिटी का मुख्य फोकस उन अत्याधुनिक क्षेत्रों पर है जिनमें जापान वैश्विक स्तर पर अग्रणी रहा है। इनमें सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, चिप डिजाइनिंग, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, एयरोस्पेस उपकरण, रक्षा निर्माण, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हार्डवेयर, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइसेज शामिल हैं। इन क्षेत्रों की जापानी कंपनियों के यहाँ आने से उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक तकनीक का प्रवाह होगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में राज्य की हिस्सेदारी मजबूत होगी।

 उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए आकर्षक नीतियों और वित्तीय प्रोत्साहनों का एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और फॉर्च्यून-500 कंपनियों को आकर्षित करने के लिए विशेष एफडीआई नीति के तहत भूमि आवंटन पर 75 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, पूंजीगत व्यय पर विशेष कैपिटल सब्सिडी, प्लांट और मशीनरी की खरीद पर छूट, स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी जा रही है। उद्योगों को लगातार और स्थिर उत्पादन बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति की वैधानिक गारंटी दी गई है, साथ ही विद्युत शुल्क में कई वर्षों तक की पूर्ण छूट का लाभ भी शामिल है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम निवेश मित्र और समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर्स के माध्यम से निवेशकों को फाइलों के चक्कर से पूरी तरह मुक्त रखा गया है ताकि सभी आवश्यक अनुमतियां समयबद्ध रूप से एक ही स्थान पर मिल सकें।

 यह परियोजना धरातल पर तेजी से क्रियान्वित हो रही है। प्राधिकरण द्वारा भूमि का चिन्हांकन और अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है और आंतरिक सड़कों, ड्रेनेज, पावर सब-स्टेशनों तथा कनेक्टिविटी कॉरिडोर का बुनियादी निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। दर्जनों प्रमुख जापानी कंपनियों ने इस टाउनशिप में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए सरकार के साथ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के समय चक्र के साथ सामंजस्य बिठाते हुए इस परियोजना के पहले चरण को वर्ष 2026 तक पूरी तरह क्रियान्वित और संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

  इसके पूर्ण रूप से विकसित होने पर उत्तर प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय जापानी तकनीक, कार्यसंस्कृति और प्रबंधन में प्रशिक्षित होने का अभूतपूर्व अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, स्थानीय सहायक उद्योगों, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और छोटे विनिर्माताओं को बड़े पैमाने पर नए आर्डर मिलेंगे जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को जबर्दस्त उछाल प्राप्त होगा। यह जापान सिटी उत्तर प्रदेश के वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनने के आत्मविश्वास का प्रतीक है।

दुर्गेश्वर राय