कविता

बंगाल के जवान को वसुंधरा पुकारती

बंगाल के जवान को वसुंधरा पुकारती,
हिन्द भी पुकारता पुकारती मां भारती।

वीरता की धाक तेरी गा रहा इतिहास है,
त्रिलोक में छा रहा नाम तेरा खास है।
गा रहा विश्व सारा हो मौन तेरी आरती,
हिन्द भी पुकारता पुकारती मां भारती।।

विषधरों को शांत कर सुन पुकार देश की,
शत्रु न कोई बच सके मिटाइए अवशेष भी।
बन शूरवीर सनातनी- हो धन्य मां भारती,
हिन्द भी पुकारता पुकारती मां भारती।।

तू ही गौरव देश का तू राष्ट्र का सम्मान है,
शौर्यशाली वीर तू है -हिंद की पहचान है।
हिंद का तू प्राण है तू ही इस का सारथी,
हिन्द भी पुकारता पुकारती मां भारती।।

अपने ही धर्म बंधु थे -जो पराए हो गए,
काबा के गीत गा रहे कृष्णद्रोही हो गए।
राम तुम्हारे पूर्वज बतला रही तवारीख भी,
हिन्द भी पुकारता पुकारती मां भारती।।

डॉ राकेश कुमार आर्य