प्यार के पत्ते जब झड़ जाते है,पतझड़ आ जाता है जीवन में

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प्यार के पत्ते जब झड़ जाते है,पतझड़ आ जाता है जीवन में
शरीर के अंग जब थक जाते है,बुढ़ापा आ जाता है जीवन में

ह्रदय तोड़ दे जब कोई तुम्हारा,नीरसता आ जाती है जीवन में
पास न हो जब प्रियतम तुम्हारा,विरहता आ जाती है जीवन में

मिलन हो जाये जब दो दिलो का,खुशियां आ जाती है जीवन में
अपना ही जब कोई धोखा दे जाये,ग्लानि आ जाती है जीवन में

अपने ही जब तिरस्कार करे तुम्हारा,पछतावा आ जाता है जीवन में
मन जब मिल जाये किसी से तुम्हारा,आशा  आ जाती है जीवन में

राम का नाम जब जपने लगो तुम,भक्ति आ जाती है जीवन में
देने लगे जब कोई सहारा तुमको,शक्ति आ जाती है जीवन में

इच्छाये जब पूरी हो जाये तुम्हारी,विरक्ती आ जाती है जीवन में
उन्नति के पथ पर जब बढने लगो,जाग्रति आ जाती है जीवन में

मन का मीत का मिल जाये तुमको,खुशिया आ जाती है जीवन में
मन का मीत जब बिछड़ जाये तुमसे,सब बदल जाता है जीवन में

संतोष धन जब मिल जाये तुमको,शान्ति आ जाती है जीवन में
अन्याय करे जब कोई साथ तुम्हारे,क्रान्ति आ जाती है जीवन में

आर के रस्तोगी

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आर के रस्तोगी
जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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