जहाँ तुम वहाँ हम

ये एक ब्रह्मवाक्य है ,जो आम और ख़ास दोनों लोगों के लिये बहुत महत्वपूर्ण है ।सबके अपने अपने गम हैं,जैसे हाल ही में गुजरे जमाने के बड़े सितारों ने एक पार्टी की,जिसमें अभिषेक बच्चन के प्रतिनिधि के तौर पर अमिताभ बच्चन,तुषार कपूर के प्रतिनिधि के तौर पर जीतेंद्र,बॉबी देओल के प्रतिनिधि के तौर पर धर्मेंद्र,लव सिन्हा के प्रतिनिधि के तौर पर शत्रुघ्न सिन्हा,मिमोह चक्रवर्ती के प्रतिनिधि के तौर पर मिथुन चक्रवर्ती शामिल हुए ।इन गुजरे जमाने के सुपर स्टारों ने अपने इन बच्चों की कामयाबी पर संतोष व्यक्त किया और जाम लड़ाते हुए बोले -” जहाँ तुम, वहाँ हम “। वैसे आजकल सफेद कोट  वाले हजरात खासे चर्चा में है । ये अच्छी बात है कि डॉक्टर को हकीम से अलग दर्जा प्राप्त है ।हकीमों के चमत्कारों से दिल्ली की सड़कें रँगी पड़ी हैं।एक उस्ताद शायर तो यहां तक कह गए हैं-“खुदा बचाये इन तीन बलाओं से हकीमों से,वकीलों से,हसीनों की अदाओं से ” कुछ रोज पहले बंगाल में ये डॉक्टर साहबान खासे चर्चा में रहे ।दूसरों को जीवनदान देने वाले लोग और धरती के भगवान कहे जाने वाले लोग खुद भगवान भरोसे छोड़ दिए गए थे ।उनकी  अपनी खुद की  ज़िन्दगी को लेकर वो लोग खासे  फिक्रमंद थे।हड़ताल,बहिष्कार,वार्ता के बाद ये धरती के भगवान माने ही थे,कि कबीर सिंह का स्यापा हो गया।आमतौर पर लोगों का मानना है कि घोर पढ़ाकू, मृदुभाषी ,शांत,संयत लोग ही मेडिकल कालेज में दाखिला लेते हैं और दिन रात सिर्फ या तो पढाई करते रहते हैं या चिकित्सा शास्त्र में नये नये प्रयोग।मगर कबीर सिंह और उनके मेडिकल कालेज ने एक नई दुनिया दिखायी जो एलिस इन वंडरलैंड से भी अनूठी थी।इस सबको देखकर डिग्री कॉलेज के लौंडे अपने माँ -बाप को आँखे दिखा रहे हैं ,जिनके माँ -बाप उन्हें जब तब कोसते रहते थे  कि “देखो फलाने का लड़का मेडिकल कॉलेज में पढ़ता है ,जहाँ इतनी अच्छाइयाँ है कि पूछो मत “।तब डिग्री कालेज का लड़का ,मेडिकल कालेज में पढ़ने वाले लड़के को ऐसे देखता था कि मानों उसमे सुर्खाब के पर लगे हों ,मगर कबीर सिंह देखने के बाद उसकी सारी आत्म ग्लानि जाती रही अब वो सुट्टा खींचते हुए मेडिकल कालेज वाले से कहता है कि “बेट्टा ,जहाँ तुम,वहीं हम”।कबीर दास की आत्मा स्वर्ग में बैठी कराह रही होगी और उन्होंने अपना सर पीट लिया होगा कि उनके नाम की कैसी बैंड बजायी है इस बन्दे कबीर सिंह ने।”एक तो करेला,ऊपर से नीम चढ़ा”सिनेमा ने कुछ कम किया था क्या जो टीवी वाले  भी इस बहती गंगा में हाथ धोने आ गए।जहाँ एक डॉक्टर एक बहुत ज्यादा मेकअप की हुई और बाल्टी -बाल्टी भर आंसू बहाने वाली टीवी एक्ट्रेस से कहता है कि हम आपके पति को नहीं बचा सके।अभिनेत्री सर्जन को फटकार कर उसे आपरेशन थिएटर के बाहर छोड़कर अंदर घुस जाती है ,बाहर सांस रोके लोग मा ता रानी को याद कर रहे होते हैं और वो थोड़ी देर में आपरेशन खत्म करके बाहर आ जाती है और सर्जन को हूल देते हुए कहती है कि “जाओ देखो,जिसे तुमने मुर्दा घोषित कर दिया था ,जाओ देखो उसका आपरेशन करके ज़िंदा कर दिया ।सुहागन का पति सुरक्षित है मातारानी की कृपा से ।और फिर किसी सुहागन से मत कहना कि उसका पति नहीं रहा “।सर्जन बेचारा सहम जाता है ।दूसरे सर्जन चमत्कृत और व्यथित हैं कि बिना स्टाफ के और सर्जरी की पढ़ाई के बिना ये कैसे सम्भव है ।सीरियल का व्यापक असर हुआ।देवी माँ के मंदिर के बाहर टीका लगाकर पैसा वसूलने वाले लोगों ने अपने आस पास के अस्पतालों के शीर्ष पद के लोगों से अनुरोध किया है कि जिस केस में सभी डॉक्टर फ़ेल हो जाएं ,वहां उनको अवसर दिया जाए क्योंकि वे सबसे ज्यादा बार मातारानी का जाप करते हैं और वो भी कामयाबी से शल्य क्रिया कर सकते हैं।तमाम निजी अस्पतालों में पैरा मेडिकल स्टाफ की छन्टनी चल रही है ,बताया गया है कि ऑपरेशन थिएटर में जगराता करने वाला एक बन्दा मौजूद रहेगा वही सब मैनेज कर लेगा।मेडिकल ग्रेजुएट हो चुके युवक -युवतियों को बताया जा रहा है कि पीजी करना जरूरी नही है बल्कि उनके मम्मी पापा उन्हें माता की चौकी या जगराता में जाने की सलाह दे रहे हैं ताकि उनकी कामयाबी पक्की हो ।हर विवाहित स्त्री में लोगों को भविष्य का डॉक्टर नजर आता है जो सारी चिकित्सा कर सकती है।करवा चौथ रखने वाली सुहागिनों के पतियों ने बीमा पालिसी को लेना और उसकी किस्तें भरना बंद कर दिया है ।बीमा कंपनियों की हालत बहुत बुरी है उनके शेयरों के भाव बहुत गिर गए हैं ,लोग बीमा कराने के बजाय विवाह करना उचित समझ रहे हैं।माता की चौकी और जगराता करने वाले लोग देवतुल्य हो चले हैं।समाज से लिव इन रिलेशन,अफेयर वगैरह समाप्त हो चले हैं ,फेमिनिस्ट परेशान हैं  कि  अब उनके साथ प्रोटेस्ट कौन करेगा।तमाम सिंगल एक्टिविस्ट सुहागन बनी जा रही हैं ,व्रत ,त्यौहार,पूजा पाठ का जयकारे लग रहे हैं।रणुओं, कुवारों और तलाकशुदा लोगों को अल्टीमेटम दे दिया गया है कि वो जल्द से जल्द किसी से विवाह कर लें  अन्यथा उनको सोसाइटी के मकानों से निकाल दिया जायेगा।विवाह देश की सुरक्षा में एक बड़ा सहायक रोल प्ले करेगा।लोग मानते हैं कि  सुहागन के पूजा पाठ से नागरिक सुरक्षित हो सकें ।मैं इस सब उहापोह से हैरान था।तब तक मेरे बीमा के एजेंट ने फ़ोन किया।फोन उठाने ही वाला था कि पत्नी ने टोक दिया “क्यों बेवजह बीमा की किस्तें भरते हो जी ,आपको कुछ नहीं होगा मेरे जीते जी।मैं यमराज से भी आपको छीन लाऊंगी”।हमेशा मुझे हड़काने वाली पत्नी के मुंह से ऐसे सौम्य वचन सुनकर मुझे बड़ी दिलासा मिली।मैंने उससे चाय लाने को कहा और टीवी आन कर दिया।सामने टीवी पर एक हीरोइन डायलॉग बोल रही थी,,,”एक चुटकी सिन्दूर की कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू “मैं सोच रहा था कि ये नयी सीरीज क्या गुल खिलायेगी

😊

समाप्त ,कृते,,,दिलीप कुमार 

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